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Kurukshetra News: स्ट्रीट लाइटों में बंदरबाट, किसी वार्ड में अंधेरा तो किसी में उजाला

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पानीपत। विकास कार्यों को लेकर दलाली के खेल में घिरे नगर निगम अधिकारी शहर में स्ट्रीट लाइट लगाने को लेकर भी सवालों के घेरे में आ गए हैं। निगम अधिकारियों ने स्ट्रीट लाइट लगाने को लेकर जमकर बंदरबाट की। किसी वार्ड में अंधेरा छोड़ दिया तो किसी में स्ट्रीट लाइट दूसरों से कहीं ज्यादा दे दी। अब निगम अधिकारियों की मनमर्जी की पोल भी धीरे-धीरे खुल रही हैं। यह पहली बार नहीं हो रहा है। इससे पहले भी स्ट्रीट लाइटों का मुद्दा कई बार उठ चुका है। सदन में हर बार स्ट्रीट लाइटों को लेकर हंगामा होता है। नई लाइटों को लगाने के दावे भी केबल फाइलाें में उजाला दे रहे हैं। शहर की सड़कों पर अंधेरा छाया हुआ है।
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सर्दी अपने रंग पर है। रात लंबी और दिन छोटे होने लगे हैं। ऐसे में शाम होते ही शहर की मुख्य सड़कों और कॉलोनियों की गलियों में अंधेरा छा जाता है। निगम की एक सूचना में दिए स्ट्रीट लाइटों की रिपोर्ट भी दावे में ही अंधेरा नजर आ रहा है। सूचना पर नजर डालें तो सबसे अधिक वार्ड-14 में 1052 स्ट्रीट लाइट लगी हैं। दूसरे नंबर पर वार्ड-9 में 1035 स्ट्रीट लाइट लगी हैं। वार्ड-24 में सबसे कम 94 लाइट दिखाई हैं।

निगम के बड़े-बड़े दावे
निगम अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में शहर में 30 से 250 वॉट की स्ट्रीट लाइट लगाने की जानकारी दी है। सबसे अधिक 4166 स्ट्रीट लाइट 30 वॉट की लगाई हैं। 72 वॉट की चार पिन की 4229 स्ट्रीट लाइट लगाने की जानकारी दी है। अधिकारियों ने रिपोर्ट में बताया कि कि शहर में करीब 9600 नई एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाई हैं। पुरानी करीब 12077 स्ट्रीट लाइट हैं। नौ मीटर की 549, 12.5 मीटर की 169 और 20 मीटर की टॉवर लाइट आठ हैं।
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शहरवासी बोले :-
शाम होते ही सड़कों से निकलना होता है मुश्किल
भाटिया कॉलोनी निवासी मुकेश और कर्मबीर ने बताया कि शाम होते ही गलियों व सड़कों पर अंधेरा छा जाता है। दो मुख्य सड़कों पर ही स्ट्रीट लाइटों का फॉक्स है। इसके अलावा मुख्य सड़कों व गलियों पर स्ट्रीट लाइट लगाने का ध्यान नहीं है। दिन ढलते ही सड़कों पर अंधेरा छा जाता है।
वार्ड-24 निवासी अश्वनी शर्मा ने बताया कि सेक्टर में पर्याप्त स्ट्रीट लाइट नहीं हैं। इसके अलावा फैक्टरी क्षेत्र की लाइट भी बंद रहती हैं। असामाजिक तत्व अंधेरे का फायदा उठाकर कोई भी वारदात अंजाम दे देते हैं।

पार्षद बोले स्ट्रीट लाइट
कोट्स
कई बार कर चुके लाइटों की मांग
वार्ड-7 पार्षद अशोक कटारिया ने बताया विकास कार्यों को लेकर अधिकारियों के संपर्क में रहते हैं। स्ट्रीट लाइटों की मांग भी समय-समय पर की जाती हैं। उनके वार्ड में आज भी स्ट्रीट लाइटों की जरूरत है। वे अधिकारियों को कई बार लाइटों की मांग कर चुके हैं।


कोट्स
कई सड़कों पर नहीं लग पाई स्ट्रीट लाइट
वार्ड-14 की पार्षद शकुंतला गर्ग ने बताया कि उनके वार्ड में रिहायशी और इंडस्ट्री क्षेत्र आता है। यहां स्ट्रीट लाइटों की लंबे समय से मांग है। कई सड़कों पर आज भी स्ट्रीट लाइट नहीं लग पाई हैं। अधिकारियों को इसको लेकर व्यापक स्तर पर योजना बनाने की जरूरत है।
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वार्ड स्ट्रीट लाइट
1 539
2 240
3 983
4 441
5 393
6 422
7 306
8 519
9 1035
10 654
11 201
12 197
13 330
14 1052
15 297
16 272
17 300
18 422
19 349
20 520
21 407
22 250
23 240
24 93
25 235
26 707
नोट : वार्डों में स्ट्रीट लाइटों की संख्या निगम द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर है।
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वर्जन :
स्ट्रीट लाइट पार्षदों की मांग अनुसार दी जाती हैं। इस बार इनका टेंडर लगाया गया है। नियमानुसार स्ट्रीट लाइट लगाई जाएंगी। निगम में किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाता।
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प्रदीप कल्याण, एक्सईएन नगर निगम।
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