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स्मैक के नशे की लत और पैसों की देनदारी के चलते दुकानदार सहित तीन ने की थी संदीप की हत्या

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स्मैक के नशे की लत और पैसों की देनदारी ने एक दुकानदार सहित तीन युवकों को अपने ही साथी की निर्ममता से हत्या करने पर उतारू किया था। यह खुलासा 30 जुलाई 2019 को शाहाबाद में लावारिस हाल में मिली संदीप हत्या प्रकरण की जांच के दौरान हुआ है। यह खुलासा पुलिस अधीक्षक आस्था मोदी ने किया है। उन्होंने बताया कि 31 जुलाई 2019 को राकेश कुमार पुत्र बचना राम वासी माजरी मोहल्ला शाहाबाद ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि वह खेतीबाड़ी का काम करता है। शिकायतकर्ता के मुताबिक 30 जुलाई 2019 को वह अपने घर पर पर था, तब उसे पता चला की उसके खेतों के पास एक आदमी की लाश पड़ी है, जिसकी सूचना पर उसने तुरंत थाना शाहाबाद पुलिस को सूचित किया था। शिकायतकर्ता के अनुसार उसने देखा कि एक नवयुवक की जली हुई लाश जंगल में पटरी के खाल में पड़ी थी, जिसका कुछ हिस्सा जानवरों ने खाया हुआ था। ऐसा प्रतीत होता है कि इस अज्ञात व्यक्ति कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने चोट मारकर या जला कर हत्या की है। जिसकी शिकायत पर पुलिस ने हत्या करके सबूत मिटाने का मामला दर्ज करके जांच आरम्भ कर दी थी। प्रांरभिक जांच शाहाबाद पुलिस द्वारा अमल मे लाई गई। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मृतक का नाम संदीप कुमार पुत्र ओम प्रकाश वासी जैनपुर शाहाबाद है। इससे आगे शाहाबाद पुलिस द्वारा हत्या करने वालों का कोई सुराग ना लगने पर मामले की जांच जिला कुरुक्षेत्र की अपराध शाखा की टीम को सौंपी गई।
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पुलिस टीम को जांच के दौरान पता चला कि संदीप की हत्या मेें कृष्ण गोपाल उर्फ किटटु वासी हैैफेड कालोनी शाहाबाद, अजय कुमार वासी गांव त्योडा और शिवम वासी हैफेड कालोनी शाहाबाद शामिल है । संदीप की हत्या पैसे के लेनदेन को लेकर की गई थी। हत्यारोपियों ने लाश की पहचान मिटाने के लिए इसे मोटर साइकिल के प्रैेोल निकाल कर लाश पर छिड़का और फिर इसे जला दिया था। पुलिस जांच के दौरान इस मामले का खुलासा तब हुआ,जब जांच कर रही टीम को गुप्त सूचना मिली कि संदीप कुमार की हत्या के तीनों आरोपी इस समय बराडा रोड शाहाबाद पर मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस ने शक के आधार पर बराडा रोड शाहाबाद से उक्त तीनों युवकों को काबू किया। पुलिस पूछताछ के दौरान इन्होंने साजिश रच कर संदीप की हत्या करने की बात कबूल की है। बताया गया है कि हत्यारोपी कृष्ण कुमार शाहाबाद-बराडा रोड पर मोबाइल और परचून की दुकान करता है, उसकी दुकान पर उसका रिश्तेदार अजय कुमार पुत्र बलकार सिंह वासी गांव त्योडा मोबाइल रिपेयर का काम सीखने के लिए लगा हुआ था। वह और उसका रिश्तेदार अजय कुमार दोनों करीब चार माह से स्मैक पीने के आदि हो गये थे।
स्मैक बेचने का भी करते थे धंधा
यह नशा काफी मंहगा है और इसको खरीदने के लिए उनके पास पैसों की कम थी। पैसे कमाने के लालच में आकर थोड़ी-थोड़ी स्मैक खरीद कर बेचने का धंधा करने लगे। उसने बताया कि उसका एक दोस्त संदीप कुमार पुत्र ओमप्रकाश वासी जैनपुर भी स्मैक पीने व बेचने का धंधा करता था और उसका पड़ोसी शिवम पुत्र सोनू कुमार वासी हैफेड कालोनी बराडा रोड शाहाबाद जो स्मैक पीने का आदि हो गया था।
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संदीप ने दी थी धमकी
वह सभी आपस मे मिलकर स्मैक पीते थे और स्मैक संदीप से खरीद कर लाते थे। उसने संदीप कुमार के स्मैक के 20 हजार रूपये देने थे और अजय कुमार व शिवम ने भी संदीप के काफी पैसे देने थे। जुलाई 2019 मे संदीप उनके पास आया और अपने पैसे मांगने लगा। जिसने उनको कहा कि या तो उसके पैसे दे दो नहीं तो वह स्मैक बेचने के धंधे में पुलिस को पकड़वा देगा। यह कह कर वह मौके से चला गया।
26 जुलाई को बनाई थी हत्या की योजना
27 जुलाई 2019 को तीनों ने मिल कर योजना बनाई कि संदीप कुमार को जान से मार देते है। इस तरह उनको पैसे भी नहीं देने पड़ेंगे, तभी संदीप कुमार का फोन आया, जिसको फोन पर उन्होंने कहा कि आकर अपने पैसे ले जाओ। जवाब में संदीप ने कहा कि वह शाहाबाद पहुंच कर उनको फोन करेगा। बीताया गया है कि फोन पर जिन लोगों ने दोपहर बाद आकर पैसे लेने के लिए बोला था,इन तीनों द्वारा रची गई योजनानुसार संदीप कुमार को शिवम मोटर साइकिल पर बैठा कर गांव दामली की तरफ बने बांध पर लेकर आएगा।
तीनों ने परने से गला घोंटा था संदीप का
इस योजनानुसार चाय के खोखे के पास खड़े अजय और कृष्ण कुमार भी वहॉ पर आ गये और इन तीनों ने मिल कर संदीप कुमार का परने से गला घोट दिया था,जिसके कुछ ही क्षण बाद संदीप कुमार बेहोश हो गया था। यह तीनों युवक संदीप को बेहोशी की हालत में बांध कर नीचे झाडियों के पास ले आए और उसे खड्ढे में डाल दिया था।
एक हत्यारोपी ने बनाई थी पत्थर मारते की वीडियो
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि शिवम ने संदीप कुमार के सिर पर पत्थर मारे थे। इतना ही नहीं इनमें से एक हत्यारोपी ने पत्थर मारते हुए शिवम की अपने मोबाईल फोन से वीडियो भी बनाई थी। ताकि पता चलने पर वह इस वीडियों को अपने बचाव के लिए प्रयोग कर सके। उसके बाद तीनो ने मिल कर उसका मोबाइल फोन व 1800 रूपये निकाल लिये और उसका मोबाईल फोन बंद करके गंदे नाले में फेंक दिया था।
पहचान मिटाने को बाइक का पेट्रोल छिड़क लगाई थी आग
बताया गया है कि वारदात की शाम को तीनों हत्यारोपियों ने मिल कर उसकी पहचान खत्म करने के लिए मृतक संदीप कुमार की लाश के ऊपर मोटर साइकिल से पैट्रोल निकालकर डाला और आग लगा दी थी। फिर यह तीनों हरिद्वार चले गये। कृष्ण कुमार ने अपने मोबाइल से मेमोरी कार्ड निकालकर अपनी दुकान में छुपा कर रख दिया था, ताकि जरूरत पड़ने पर इस का फायदा वह उठा सके।
तीनों हत्यारोपी तीन दिन के रिमांड पर
गिरफ्तारी के बाद तीनों हत्यारोपियों को पुलिस ने अदालत में पेश किया,जहां इन्हें तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है, ताकि वारदात में प्रयोग की गई मोटरसाइकिल, मेमोरी कार्ड और मोबाईल फोन बरामद की जा सके। आगामी जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि इस हत्या में और कोई और भी शामिल है या नहीं। बहरहाल पुलिस जांच जारी है।
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