कुरुक्षेत्र। बच्ची की आंखों की जांच करते नेत्र रोग विशेषज्ञ। संवाद
कुरुक्षेत्र। 6960 बच्चों की नेत्र रोग संबंधी जांच में करीब ढ़ाई हजार बच्चों की आंखों में बीमारी सामने आई है। जांच में 40 फीसदी बच्चों की आंखें कमजोर मिली हैं। चिकित्सकों ने इसे चिंता का विषय बताया है। चिकित्सकों ने कहा कि मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से बच्चों की आंखें खराब हो रही हैं जिससे निकट दृष्टि दोष, आंखों में सूखापन, खिंचाव और धुंधलेपन जैसी समस्याएं हो रही हैं। लगातार स्क्रीन देखने से आंखों पर दबाव पड़ता है और पलकें कम झपकाए जाने के कारण आंखों में सूखापन हो रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की स्कूल हेल्थ टीम ने स्कूलों में पांच दिवसीय जांच शिविर का आयोजन किया था। टीम ने कई स्कूलों में बच्चों की आंखों को जांचा। वहीं आंखें कमजोर पाए जाने पर टीम के सदस्यों की ओर से 2249 बच्चों को चश्मे बांटे गए। टीम ने 12 हजार बच्चों की काउंसलिंग का लक्ष्य रखा था और 2200 बच्चों को चश्मे वितरित करने का लक्ष्य था।
बच्चों की जांच के लिए टीमें गठित
डॉ. करुणा ढींगरा ने बताया कि प्रदेशभर के जिला अस्पतालों में शून्य से पांच साल तक के बच्चों की जांच के लिए टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें गांव में जाकर आंगनबाड़ी केंद्र और स्कूल आदि से डाटा जुटाकर जिला अस्पताल में बने डीआईसी सेंटर में जन्मजात रोगों की जांच के लिए बच्चों को भेजती हैं। उसके बाद बच्चों को ऑपरेशन आदि के लिए पीजीआई चंडीगढ़ व अन्य अस्पतालों में भेजा जाता है।