ज्योतिसर स्थित डेरा सीता राम आश्रम के महंत जमनादास और शिष्या सोनिया उर्फ देवा की हत्या के चार दिनों बाद भी पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लगा है। हालात ये हैं कि पुलिस की पांच टीमें मामले में जुटी हुई हैं और साइबर सेल भी कार्रवाई में जुटा हुआ है।
वहीं, पुलिस इस मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं के तारों को जोड़कर हत्यारोपियों की गर्दन तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। लेकिन, चार दिन बाद भी पुलिस को कोई ऐसा सुराग हाथ नहीं लगा है जिससे पुलिस को यह पता लग सके कि मर्डर करने वाले कौन थे और मर्डर का उद्देश्य क्या था। डबल मर्डर के पेंच में उलझी पुलिस फिलहाल कुछ कहने की स्थिति में नजर नहीं आ रही है।
वहीं, दूसरी ओर दोहरे हत्याकांड को लेकर साधु समाज का गुस्सा भी सातवें आसमान पर है। साधु समाज ने साफ चेतावनी दी है कि षड्दर्शन साधु समाज हरियाणा के पदाधिकारियों और सदस्यों की बैठक गांव ज्योतिसर में सीताराम आश्रम (डेरा बाबा जमना दास) पर हुई। इसमें पुलिस प्रशासन के ढुल मुल रवैये पर रोष व्यक्त किया गया।
षड्दर्शन साधु समाज हरियाणा के अध्यक्ष बंसीपुरी पिहोवा ने कहा कि त्यागमूर्ति संत जमनादास की हत्या एक ऐसा महापाप है, जिसका कही कोई प्रायश्चित भी संभव नहीं है। उन्होंने मांग की कि यथाशीघ्र हत्यारों को पकड़ा जाए। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि यदि इस कार्रवाई में कोई भी ढील हुई तो संत की तेरहवीं से पूर्व ही प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा।