गांव कलाल माजरा में दर्जनभर लोगों ने राजस्व व पंचायत विभाग के अधिकारियों से कथित तौर पर मिलीभगत से अवैध कब्जे करने का मामला सामने आया है। आरोपी अधिकारियों ने मामले को दबाने के लिए यहां अवैध कब्जे न होने की रिपोर्ट भी उच्चाधिकारियों से लेकर जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में दे दी। जिसे हाउस ने भी मान लिया, लेकिन जब उच्च अधिकारियों द्वारा फिर से आई शिकायत के बाद जांच की गई तो मामले की पोल खुल गई। पूरा मामला वीरवार को पंचायत भवन में लोक संपर्क एवं जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में राज्य मंत्री करण देव कंबोज के समक्ष आया। इसेे देख मंत्री भी हैरान रह गए। राज्यमंत्री के समक्ष गांव कलालमाजरा निवासी सुभाष चंद्र की शिकायत पर जांच कमेटी के सदस्य डीआरओ अशोक मलिक ने रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस रिपोर्ट के अनुसार गांव कलामाजरा में 11 अवैध कब्जे पाए गए हैं। इनमें 6 पक्के मकान बने हुए हैं और 5 मामलों में मकान के छज्जे या पशुओं की जगह बनाई हुई हैं, जबकि बीडीपीओ ने मौके पर कब्जा न होने की बात पिछली रिपोर्ट में कर्ही थी। डीआरओ ने राज्यमंत्री से अपील की है कि इस मामले में हाउस में गलत रिपोर्ट रखने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई बनती है और नाजायज कब्जों को हटवाया जाना जरुरी हैं। राज्यमंत्री ने डीआरओ की रिपोर्ट और पूरी जानकारी लेने के बाद स्पष्ट किया कि राजस्व और पंचायत विभाग के अधिकारियों ने हाउस को गुमराह करने का प्रयास किया और मिलीभगत की सम्भावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए इस मामले में दोनों विभागों के दोषी अधिकारियों की पहचान कर कानूनी एक्शन लिया जाए और नाजायज कब्जों को भी हटवाया जाए। बैठक में राज्यमंत्री ने एजेंडे के 21 शिकायतों में से 10 शिकायतों को मौके पर निपटाया तो अन्य आई 25 शिकायतों का समाधान करने के लिए अधिकारियों को आदेश दिए। इसके अलावा राज्यमंत्री ने परिवहन विभाग, मार्किटिंग बोर्ड, राजस्व विभाग, हुडा विभाग, नगर परिषद विभाग से संबन्धित शिकायतों का तुरंत समाधान करने के आदेश दिए। इस मौके पर थानेसर विधायक सुभाष सुधा, लाडवा विधायक डॉ. पवन सैनी, भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मवीर मिर्जापुर, जिप चैयरमेन गुरदयाल सन्हेड़ी, पुलिस अधीक्षक सिमरदीप सिंह, एडीसी राजेश जोगपाल, धर्मवीर डागर के अलावा सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
नाम पुकारते रहे, नहीं पहुंचे 8 शिकायतकर्ता
बैठक शुरू होते ही एक बार उस समय हास्यास्पद स्थिति बन गई जब एक के बाद एक लगभग 8 शिकायकर्ताओं का नाम शिकायत नंबर के अनुसार पुकारा जाता रहा, लेकिन वे नहीं पहुंचे। हालांकि इनमें से कई बाद में पहुंचे, जिनकी शिकायतें आखिरी मे सुनी गई। इसके अलावा गांव उमरी निवासी संजीव कुमार, गांव दयालपुर निवासी राजकुमार, मोहन नगर निवासी बलकार सिंह, गांव सिरसमा निवासी शिव कुमार, गंाव लंडी निवासी दर्शन सिंह, सेक्टर 13 निवासी सुभाष गोयल नहीं पहुंचे। इसलिए इन शिकायतकर्ताओं के मामले में सुनवाई नहीं हो सकी।
गली में बढ़ाई छत, जांच के आदेश
राज्यमंत्री कर्ण देव कंबोज ने शांतिनगर निवासी कर्मवती की शिकायत पर नगर परिषद के एमई को गली में पक्की जगह पर दस-दस फुट छत डालकर अवैध रुप से निर्माण कार्य करने के मामले को लेकर जांच के आदेश दिए हैं। इतना ही नहीं राज्य मंत्री ने इस मामले की जांच रिपोर्ट एक सप्ताह के अंदर सौंपने के आदेश दिए हैं।
ड्रेन के रास्ते पक्का करने को लेकर जांच कमेटी गठित
गांव अरुणाय के सरपंच सतनाम सिंह व अन्य लोगों ने शिकायत रखी की गांव अरुणाय में ड्रैन के साथ-साथ एक इंटों का रास्ता जाने के लिए बना हुआ था। नहर विभाग द्वारा इस रास्ते में बिलोचपुर पुल से लेकर डेरों तक एक पाईपलाईन दबवाई, जिसके कारण रास्ते की सारी ईंटों को उखाड़ दिया गया और न ही पाईपलाईन लगने के बाद रास्ता ठीक किया गया। इस मामले में सिंचाई विभाग के एक्सईन राजेश चौपड़ा ने रास्ता नियमानुसार ठीक करने की बात हाउस में रखी, जिसे शिकायतकर्ता ने इंकार कर दिया। राज्यमंत्री ने इस मामले की जांच के लिए कष्ट निवारण समिति के सदस्यों हरपाल सिंह, युद्धिष्ठर बहल, रामधारी शर्मा, बीडीपीओ पिहोवा व एसडीओ पंचायती राज को लेकर एक कमेटी का गठन किया हैं। इस कमेटी को शीघ्र रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए।
शिकायत के बाद समझौता करने पहुंचे पति-पत्नी
बैठक में बलवान सिंह ने अपनी पत्नी के खिलाफ शिकायत दी, लेकिन जब शिकायत सुननी शुरू हुई तो वह अपनी पत्नी के साथ राज्यमंत्री के समक्ष पेश हुए। उन्होंने शिकायत शुरू होने से पहले ही कहा कि मुझे अपनी पत्नी से कोई शिकायत नहीं है। दोनों ने माना कि उनमें कोई मनमुटाव भी नहीं रहा है। इस पर बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों व सदस्यों ने जमकर तालियां बजाई।
पत्नी की गुहार पर पति का तबादला करने के निर्देश
किरमच रोड पर स्थित नहर कालोनी निवासी पूनम शर्मा ने हाउस में शिकायत रखी की उसका पति नरेश शर्मा, बेलदार सिंचाई विभाग, लौहार माजरा हेड पर कार्यरत हैं। उसके पति और वहां पर कार्यरत अन्य कर्मचारियों के साथ झगड़ा रहता हैं। अगर उसके पति का तबादला दूसरी जगह कर दिया जाए तो मामला निपट सकता हैं। इस महिला की शिकायत पर राज्य मंत्री ने सिंचाई विभाग के एक्सईन राजेश चौपड़ा को कर्मचारी नरेश शर्मा का दूसरी जगह तबादला करने के निर्देश दिए।
एसडीएम थानेसर को दिए जांच के आदेश
गांव बीड़ मथाना निवासी बच्चन सिंह ने शिकायत दी की वन विभाग और राजस्व विभाग ने उसकी जमीन में खड़े वृक्षों को विभाग के गणना रजिस्टर में दर्ज किया जो कि गलत हैं। इस शिकायत के आधार पर सरकार की सम्पत्ति को कोई नुकसान न हो, तहसीलदार थानेसर से निशानदेही बारे परामर्श भी मांगा गया। इस मामले में तहसीलदार ने 28 दिसंबर 2015 को निशानदेही की रिपोर्ट दी। परंतु तहसीलदार थानेसर द्वारा कोई परामर्श नहीं दिया गया। इसलिए राज्य मंत्री ने इस मामले की जांच की जिम्मेवारी एसडीएम थानेसर सतबीर कुंडू और कष्ट निवारण समिति के सदस्य नरेंद्र को सौंपी। इतना ही नहीं उपायुक्त राजनारायण कौशिक ने डीएफओ विजयलक्ष्मी को एक सप्ताह के अंदर विभागीय रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
पांच साल पहले काटी बस में टिकट, आज रखी शिकायत
बैठक में उस समय हंसी के ठहाके लगे जब गांव संगरौली निवासी एक बुजुर्ग ने 5 वर्ष पहलेे फ्री पास होने के बावजूद रोडवेज बस में टिकट काटे जाने की शिकायत रखी। बुजुर्ग ने कहा कि वह 27 साल बाद बस से चंडीगढ़ जा रहा था। पिहोवा से चंड़ीगढ़ जाने वाली बस मे उसने कंडक्टर को पास भी दिखाया, लेकिन उसकी जानबूझ कर टिकट काटी गई। राज्य मंत्री ने कहा कि ताउ ये पांच वर्ष पुराना मामला है अब क्या करे तो बुजुर्ग ने कहा कि रोडवेज कर्मचारी तो यहीं होंगे। मंत्री ने जब पूछा की बस नंबर क्या था तो बुजुर्ग ने कहा कि इतना पढ़ा-लिखा होता तो उसे जेल करवा देता।