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Kurukshetra News: पांच डिग्री तक लुढ़का न्यूनतम तापमान, दो दिन और बढ़ेगी ठिठुरन

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इस्माईलाबाद। ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लेते लोग। संवाद
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कुरुक्षेत्र। जिले में शीतलहर का असर और तेज हो गया है। वीरवार को आठ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली ठंडी हवाओं ने पूरे दिन वातावरण में ठिठुरन बनाए रखी। बादलों की आवाजाही के कारण पूरा दिन धूप नहीं निकली।
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दोपहर बाद कुछ समय के लिए धूप खिली लेकिन ठंडी हवाओं के कारण सर्दी से राहत नहीं मिल पाई। मौसम विभाग के अनुसार दिन का अधिकतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कड़ाके की सर्दी के कारण बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर आवाजाही कम रही। बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है। चिकित्सकों का कहना है कि इस मौसम में सर्दी-जुकाम, खांसी और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। मौसम विभाग ने लोगों को अगले कुछ दिनों तक ठंड से बचाव के लिए सावधानी बरतने और अनावश्यक रूप से सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. ममता ने कहा कि अगले 48 घंटों में न्यूनतम तापमान के चार डिग्री सेल्सियस तक गिरने की संभावना है। तापमान में लगातार हो रही गिरावट से ठिठुरन और बढ़ेगी। इसका असर न केवल आमजन पर बल्कि पशु-पक्षियों पर भी साफ दिखाई दे रहा है।
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फसलों पर मिला-जुला असर : कृषि उप निदेशक डॉ. कर्मचंद का कहना है कि सर्दी गेहूं की फसल के लिए खाद का काम कर रही है जिससे पैदावार बेहतर होने की उम्मीद है। वहीं सब्जी उत्पादकों के लिए यह सर्दी नुकसानदायक साबित होने की संभावना है।
गेहूं की फसल के लिए ठंड फायदेमंद
इस्माईलाबाद। क्षेत्र में भीषण ठंड का प्रकोप जारी है। शीतलहर के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि दोपहर बाद धूप निकलने से ठंड से कुछ राहत मिली। भीषण व शीतलहर के कारण गेहूं की फसल को फायदा होने से किसानों के चेहरे खिले रहे।

किसान प्रदीप कुमार, रमेश, अनिल, रामरत्न, सौरव आदि ने बताया कि क्षेत्र में चल रही शीतलहर से तापमान में भारी गिरावट आई है। जो गेहूं की फसल के लिए काफी फायदेमंद है। ठंड के कारण गेहूं का पौधा ऊपर की तरफ जाने के बजाय फुटाव अधिक करता है जिससे पौधे की ग्रोथ अधिक होती है और पैदावार बढ़ती है। वहीं पशु पालकों के लिए भीषण ठंड व शीतलहर चिंता का विषय बना हुआ है।


हवा की सेहत में लगातार सुधार, 162 पहुंचा एक्यूआई
कुरुक्षेत्र। पिछले चार दिनों से प्रदूषण के स्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। यह गिरावट आमजन के लिए कुछ हद तक राहत लेकर आई है लेकिन स्थिति अभी भी पूरी तरह संतोषजनक नहीं कही जा सकती। चार दिन पहले वायु गुणवत्ता सूचकांक 259 के स्तर पर दर्ज किया गया था, वहीं वीरवार को यह घटकर 162 पर पहुंच गया। इस दौरान कुल 97 पायदान की गिरावट

देखी गई है।

विशेषज्ञों के अनुसार मौसम में आए बदलाव, हल्की हवा और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण प्रदूषण के स्तर में कमी आई है। हालांकि 162 का स्तर भी स्वास्थ्य के लिहाज से सुरक्षित नहीं माना जाता। यह श्रेणी अभी भी मध्यम से खराब स्थिति को दर्शाती है जिसका असर संवेदनशील वर्ग पर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है।

सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, दमा रोगियों और छोटे बच्चों को हो रही है। सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याएं अब भी सामने आ रही हैं। चिकित्सकों ने लोगों को सुबह-शाम बाहर निकलते समय सावधानी बरतने, मास्क का प्रयोग करने और अनावश्यक रूप से खुले में समय न बिताने की सलाह दी है।
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