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लूट की वारदात के विरोध में व्यापारी एकजुट

Sun, 15 May 2016 12:41 AM IST
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला
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व्यापारियों से बढ़ रही लूट की वारदात के खिलाफ शहर के व्यापारी एकजुट हो गए हैं। उन्होंने बैंकों और निजी संस्थानों के लगे सीसीटीवी कैमरों को खानापूर्ति करार दिया है। 33 जगह की फुटेज से पता चला है कि अधिकतर कैमरे ब्लैक एंड ह्वाइट के साथ कैमरों की क्वालिटी भी निम्न है। लूट, चोरी सहित अन्य वारदात से पीड़ित व्यापारियों ने शनिवार को ज्वेल्स होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में अपनी पीड़ा सुनाई।
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सेतिया राइस मील के मैनेजर से साढ़े ग्यारह लाख रुपये की लूट के बाद पीड़ित व्यापारी एकजुट हो गए हैं। बैंकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए शहर के प्रमुख जगहों पर कैमरे न लगाए जाने पर प्रशासन के खिलाफ रोष जाहिर किया। पुराने ढर्रे पर काम कर रही पुलिस को बेहतर संसाधन मुहैया करवाने की वकालत की।

फुटेज में सामने आया है कि दो आरोपी एक बाइक पर हैं और इनको पास करने वाले दो आरोपी और भी दूसरी बाइक पर हैं। फुटेज में साफ है कि पहले वाले दो आरोपियों में एक आरोपी ने पीले रंग के दुपट्टे से मुंह बांध रखा था और बाइक चालक का चेहरा साफ नजर आ रहा है।
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आरोपियों ने बैंक से उनकी रैकी की और हांसी चौक से पहले ही वारदात को अंजाम दे दिया। उसी दिन से पुलिस भी अपने स्तर पर आरोपियों को ढूंढने में लगी है और पीड़ित मैनेजर प्रवीन शर्मा को भी कई जगह पर साथ लेकर गए हैं। फुटेज के हिसाब से पुलिस ने हर पहलु पर जांच पड़ताल कर आगे बढ़ी है, लेकिन सफलता नहीं मिल रही है।
व्यापारियों ने कहा कि सरकार को हर तरह से टैक्स देते हैं। सूखा सहित किसी भी तरह की जरूरत पड़ने

पर व्यापारी आगे रहते हैं। इसके बावजूद उन्हें न सुरक्षा मिल रही है और न ही सुविधा। उनके साथ आए दिन लूट जैसी वारदात हो रही है। प्रशासन सिर्फ कार्रवाई करने का आश्वासन देता है। वारदात ट्रेस होती है तो उन्हें उनका माल नहीं मिलता। ऐसी व्यवस्था से व्यापारी प्रशासन और सरकार दोनों से नाराज है। इस अवसर पर विजय सेतिया, जेआर कालड़ा, रूपनारायण चानना, हरिश तरिखा, भूषण गोयल, भरत, नरेंद्र भांबा आदि मौजूद रहे।

बैंकों में लगे कैमरों की गुणवत्ता निम्न

पीड़ित व्यापारी विजय सेतिया ने बताया कि उन्होंने एचडीएफएससी बैंक के सीसीटीवी कैमरे चेक किए। उन्होंने कैमरे क्लीयर नहीं है। इसलिए चेहरों की पहचान नहीं हो पाती। लोगों ने अपनी सेफ्टी के लिए कैमरे लगवाए हुए हैं। इसलिए उनका सड़क पर ज्यादा फोकस नहीं होता। सभी ने अपने दरवाजे और पार्किंग को कवर किया हुआ है। इसलिए कुछ दुकानदारों ने फुटेज से आरोपियों की फुटेज निकाली है।

एक लाख रुपये इनाम किया घोषित

पीड़ित विजय सेतिया का कहना है कि वारदात होनी आम बात हो गई है। सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। पुलिस को कहा कि किसी निर्दोष को परेशान न किया जाए। असल आरोपियों को ढूंढा जाए। आम आदमी से भी अपील है कि वह असल आरोपियों की पहचान दें। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा। वे अपनी तरफ से एक लाख रुपये इनाम के तौर पर देंगे।

व्यापारियों ने इन मुद्दों पर रखा फोकस
1. प्रशासन की तरफ से शहर के प्रमुख जगह 42 की बजाय 100 जगहों पर बेहतर क्वालिटी के कैमरे लगवाए जाएं

2. बैंक मैनेजरों से मीटिंग करके अच्छी क्वालिटी के कैमरों के साथ सिक्योरिटी गार्ड भी बैंक में नियुक्त किए जाएं

3. पुलिस को पुराने तरीके से बाहर निकालकर उन्हें नई टेक्नॉलोजी पर काम करवाया जाए।

व्यापारियों ने सुनाई पीड़ा

केस नंबर 1. व्यापारी विजय सेतिया ने बताया कि सात मई को साढ़े 11 लाख रुपये लूट हुई। सीसीटीवी फुटेज मिल गई हैं। पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट हैं, लेकिन उनके उच्च गुणवत्ता के संसाधन नहीं हैं।

केस नंबर-2. इंदिरा कॉलोनी के व्यापारी के बेटे भरत ने बताया कि जनवरी 2015 में सवा तेरह लाख रुपये की लूट हुई। वारदात ट्रेस की और पांच हजार रुपये की ही रिकवरी हो पाई।

केस नंबर-3. व्यापारी हरिश ने बताया कि 28 अगस्त 2015 को तीन लाख 60 हजार रुपये की लूट हुई। आज तक आरोपियों का कोई पता नहीं चल पाया।

केस नंबर-4. व्यापारी बलदेव राज ने बताया कि उसके साथ 13 दिसंबर 2015 को डेढ़ लाख रुपये लूटे और मारपीट भी कर गए।

केस नंबर-5.  28 अप्रैल 2014 को भी बलदेव राज के साथ दोबारा से 25 लाख रुपये की वारदात हुई।

केस नंबर-6.  30 अप्रैल 2014 को व्यापारी बलदेव राज के बेटे सोमनाथ से एक लाख रुपये की लूट की वारदात हुई। आज तक पुलिस ने इन वारदातों को ट्रेस नहीं किया है।

केस नंबर-7. सेक्टर-छह वासी व्यापारी प्रमोद अरोड़ा ने बताया कि 21 अगस्त 2015 को उनके घर से चोरी हुई। 40 तोले सोना और पांच लाख रुपये कैश ले गए। पुलिस ने चोर पकड़े और पांच लाख रुपये बरामद भी किए। लेकिन दो आरोपी आज भी फरार हैं और 40 तोले सोना बरामद नहीं हो पाया।


साढ़े ग्यारह लाख लूट मामले में आरोपियों की तलाश में लगे हुए हैं। उस रास्ते पर जितने भी सीसीटीवी कैमरे लगते थे, सभी से चार फुटेज अच्छी मिली हैं। उनको सभी थाना, चौकी व सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया है ताकि आरोपियों को जल्द से पकड़ा जाए।  
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-मोहनलाल, सिटी थाना प्रभारी, करनाल
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