संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की कार्याकर्ताओं व सहायिकाओं ने वर्षों की लंबित मांगों के संबंध में जिला लघु सचिवालय पहुंच सीटीएम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। जिनके साथ लगभग 400-450 की संख्या कर्मी सेक्टर दस के पार्क से पैदल चलकर नारेबाजी करते हुए जिला लघु सचिवालय पहुंची और अपनी वर्षाें से लंबित मांगों को लेकर रोष भी प्रकट किया।
जिला प्रधान इंदिरा देवी ने कहा कि 1 मार्च 2018 को यूनियन और सरकार के मध्य वेतन को लेकर समझौता हुआ था, जिसमें आंगनबाड़ी कार्याकर्ता कुशल, अर्ध कुशल शर्मीक मानते हुए मुख्य सचिव द्धारा निर्धारित वेतन तथा उपभोक्ता मूल्य सूचनाक के आधार पर प्रत्येक छह माह में श्रम विभाग द्धारा न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी करने का निर्णय हुआ था। परंतु आज लगभग छह माह बीत चुके है, वेतन बढ़ोतरी को अभी तक लागू नहीं किया गया और इस समय कम वेतन पर सेवाएं देने पर मजबूर है।
पिछले काफी वर्षों से कुछ हेल्परों की आयु 50 वर्ष के पार जा चुकी है उन्हें आयु सीमा में छूट देकर पदोन्नति दी जावे। नेट रिर्चांज की राशि 200 रुपये से 500 रुपये तक करना, प्रधानमंत्री मातृत्व योजना के अतंर्गत आंगनवाड़ी कर्मियों को प्रोत्साहन का प्रावधान है जो पिछले 2017 से लंबित है जिसका भुगतान अभी तक नहीं किया गया। आंगनवाड़ी केंद्र को प्ले स्कूल वर्कर्स व हेल्पर्स को प्री प्रायमरी स्कूल का दर्जा दिया जाए, आंगनवाड़ी वर्करों को पदोन्नत कर सुपरवाइजर बनाया जाए, केंद्र का कार्य करने के लिए रजिस्टरों की व्यवस्था की जाए और आगनबाड़ी केंद्रों में फल्क्सी फंड को कम-से-कम 5000 रुपये किया जाए जिससे मूलभूत जरूरतें पूरी हो। इन लंबित मांगों के संबंध में टयूबवैल ऑपरेटर, अनुबंधित बिजली विभाग के कर्मी, कौशल रोजगार निगम के कर्मचारी भी शामिल थे। इस मौके पर प्रधान इंदिरा देवी, राज्य सहसचिव सुनीता धीमान, सीमा देवी, परमजीत कौर, सुमन व अन्य कर्मी भी मौजूद रहे।