पिहोवा/इस्माईलाबाद। उपमंडल पिहोवा में फसल अवशेष प्रबंधन और पराली जलाने पर प्रभावी रोक लगाने के लिए अधिकारियों की बैठक हुई। तहसीलदार पूनम सोलंकी ने इसकी अध्यक्षता की। बैठक में सीआरएम योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने किसानों को फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया। उपमंडल कृषि अधिकारी मनीष वत्स ने सीआरएम योजना के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।
उन्होंने किसानों को खेत में पराली जलाने के बजाय आधुनिक तरीकों से प्रबंधन करने को प्रेरित किया। उपलब्ध मशीनरी और सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाकर किसान पराली जलाने से बच सकते हैं। विभाग किसानों को लगातार जागरूक कर रहा है। अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में किसानों से संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं।
पराली जलाने के दुष्प्रभाव
मनीष वत्स ने कहा कि फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन से पर्यावरण संरक्षण होता है। इससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी बनी रहती है। तहसीलदार पूनम सोलंकी ने अधिकारियों को किसानों से निरंतर संपर्क बनाए रखने को कहा। उन्होंने बताया कि पराली जलाने से पर्यावरण और भूमि की उर्वरा शक्ति पर बुरा प्रभाव पड़ता है। बैठक में पिहोवा सिटी एसएचओ सुनील वत्स, बीडीपीओ विवेक, बीडीपीओ अंकित पूनिया, नायब तहसीलदार बलविंदर सिंह और विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।