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Kurukshetra News: जिला अस्पताल में नहीं मिल रही दवा, मरीजों को झेलनी पड़ रही परेशानी

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कुरुक्षेत्र। इन दिनों जिला नागरिक अस्पताल में इलाज कराना मरीजों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। अस्पताल प्रशासन बजट के अभाव में लोकल परचेज नहीं कर पा रहा। स्वास्थ्य विभाग पर लोकल दवा विक्रेताओं की करीब एक करोड़ की देनदारी है, जिस वजह से अस्पताल को लोकल दवा विक्रेता अब दवा देने से इन्कार करने लगे हैं। वेयर हाउस से भी अस्पताल को डिमांड का 60 प्रतिशत सामान ही मिल रहा है।
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वार्डों में नहीं हो रही शुगर की जांच
अस्पताल के वार्डों में दाखिल मरीजों की इन दिनों शुगर की जांच भी नहीं हो पा रही है। करीब 15 दिन से ग्लूकोज स्ट्रिप्स खत्म हैं। इस वजह से मरीजों को शुगर की जानकारी नहीं मिल रही। इसके अलावा सूजन को कम करने वाली दवा और चार से पांच प्रकार की एंटीबायोटिक्स दवा जो कि बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमण और बीमारियों का इलाज करती है, वे भी खत्म हैं। मजबूरन मरीज व उनके परिजन निजी केमिस्ट की दुकानों से दवा खरीद रहे हैं।
अस्पताल प्रशासन पर मरीजों का दबाव
अस्पताल पर मरीजों का निरंतर दबाव बढ़ता जा रहा है। इन दिनों अस्पताल में 1400 से 1500 मरीजों की ओपीडी चल रही है। वहीं 200 से 300 मरीज अस्पताल में दाखिल रहते हैं। इस वजह से पर्याप्त मात्रा में मरीजों को दवा नहीं मिल पाती। दवा का स्टॉक आने से पहले ही अस्पताल में दवा खत्म हो रही हैं।
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ये दवाएं 15 दिन से खत्म
लाइनजोलिड, ग्लूकोज स्ट्रिप्स, सेप्ट्रान डीएस, ओ फ्लोक्स, ट्रीपशिन, डेरीफाइन इंजेक्शन पिछले 15 दिनों से खत्म हैं। इनमें कुछ दवा ऐसी हैं जो करीब एक माह से अस्पताल में नहीं मिल रही। ऐसे में स्टाफ नर्सों और चिकित्सकों को मरीजों का इलाज करने में परेशानी हो रही है।
बजट के अभाव में व्यवस्था बनाने में हो रही परेशानी : डॉ. साहरा
जिला नागरिक अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. साहरा अग्रवाल का कहना है कि विभाग ने वेयर हाउस को दवा की मांग भेज रखी है, जो जल्द मिलने की उम्मीद है। मरीजों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। बजट के अभाव में व्यवस्था बनाने में परेशानी जरूर आ रही है।
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