कुरुक्षेत्र। गाने के बोल मनोज मुंतशिर ने लिखे थे, संगीत अरको प्रावो मुखर्जी ने दिया था और इसे बी प्राक ने गाया था। तेरी मिट्टी में मिल जावां, गुल बन के मैं खिल जावां.. केसरी फिल्म के लिए मनोज मुंतशिर द्वारा लिखा यह गीत बी प्राक ने गाया था, जिसे युवा अक्सर गुनगुनाते रहते हैं, लेकिन वीरवार को यह गीत कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के विदेशी विद्यार्थी फैजल ने विश्वविद्यालय के मंच पर गाया तो हर कोई रोमांचित हो उठा।
मौका था विश्वविद्यालय के प्रतिभा खोज कार्यक्रम का, जिसमें तंजानिया (अफ्रीका) के विद्यार्थी ने इस हिंदी गाने की प्रस्तुति दी तो पूरा आर के सदन झूमने लगा और देशभक्ति की भावना बहने लगी। हर दर्शक की आंखें नम हो गईं और कुलसचिव प्रो. संजीव शर्मा ने मंच पर आकर फैजल की प्रस्तुति की जमकर सराहना की।
फैजल गायन एवं नृत्य विभाग स्नातक के प्रदर्शन कला का प्रथम वर्ष का छात्र है। उनकी हिंदी भाषा अपने देश तंजानिया में रहते हुए भी सीखने की चाह थी। फैजल बताते हैं कि उनकी यह चाह अब कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में आकर पूरी हो गई है।
फैजल चन्ना चन्ना मेरेया, कल हो ना हो,अगर तुम साथ हो और कुछ कुछ होता है... जैसे कई गीतों को कंठस्थ कर अपने दोस्तों में गुनगुनाते नजर आते हैं। वही हिंदी के प्रति इतनी लोकप्रियता ने फैजल संग विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को भी जोड़ा है। विद्यार्थी जहां फैजल के हिंदी गीतों को सुनकर हैरान रह जाते हैं तो वहीं इस विदेशी छात्र की प्रशंसा करते भी नहीं थकते। फैजल कहते हैं कि वह भारतीय गायक अरजीत सिंह से प्रेरित हैं और हिंदी को अपने जीवन में उतारना चाहते हैं। हिंदी से उन्हें बेहद लगाव हो गया है और यह बेहद ही खूबसूरत भाषा है। वे इसका भरपूर सम्मान करते हैं। यहां पढ़ने वाले हर विदेशी विद्यार्थी को यह भाषा अवश्य सीखनी चाहिए।