जम्मू-कश्मीर में देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए मनदीप की अंतिम यात्रा में शामिल होने रविवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर गांव अंटेहड़ी पहुंचे। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के जवान एक के बदले कई पाक सैनिकों को धराशायी करेंगे। इन शहीदों के बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। शहीद मनदीप सिंह की शहादत प्रदेश के युवाओं को प्रेरणा देने का काम करेगी। इस पावन व वीर भूमि के दो बेटों ने कुछ ही दिनों में देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए अपने प्राणों को न्यौछावर कर दिया। इन वीरों की शहादत को सरकार के साथ-साथ प्रदेश के लोग सलाम करते हैं।
इससे पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल, राज्यमंत्री कर्णदेव कांबोज, राज्यमंत्री कृष्ण कुमार बेदी, मुख्य संसदीय सचिव श्याम सिंह राणा, विधायक डा. पवन सैनी, विधायक सुभाष सुधा, हरियाणा के पुलिस महानिदेशक केपी सिंह, आईजी सुभाष यादव, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार जगदीश चोपड़ा, अखिल भारतीय आतंकवाद विरोधी संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनिंद्रजीत सिंह बिट्टा, डीसी सुमेधा कटारिया, एसपी सिमरदीप सिंह सहित हजारों लोग और सेना के अधिकारी शहीद मनदीप सिंह के परिजनों से दुख सांझा करने के लिए निवास स्थान पर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने शहीद मनदीप सिंह के पार्थिव शरीर गांव पहुंचने से पहले उसके पिता फूल सिंह, पत्नी प्रेरणा, माता निर्मला देवी और भाई संदीप से मिलकर सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस दुख की खड़ी में परिजनों के साथ है और सरकार की तरफ से हर प्रकार की सहायता मुहैया करवाई जाएंगी।
गांव में बनेगा शहीद के नाम से स्मारक
सीएम खट्टर ने कहा कि हरियाणा का एक और बेटा मनदीप वीर गति को प्राप्त हुआ है। इस समय सरकार और प्रदेश का हर नागरिक परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की तरफ से शहीद मनदीप के परिवार को 50 लाख रुपये की सहायता राशि और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। इसके अलावा परिवार और ग्रामीणों की सहमति से गांव में शहीद मनदीप सिंह के नाम से स्मारक या अन्य कोई भी प्रोजेक्ट बनाने का प्रस्ताव रखा जाएगा तो राज्य सरकार उस प्रस्ताव को मंजूर करेगी।
एक दीया शहीदों के नाम जरूर जलाएं
मनदीप की शहादत के बाद गांव वालों ने दीपावली नहीं मनाने का फैसला किया था। इस संबंध में सीएम ने कहा कि गांव व आसपास के लोगों द्वारा दीपावली न मनाने का निर्णय तो ठीक है लेकिन लोगों को दीपावली पर एक दीया शहीद की चिता और एक दीया घर में जलाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मनदीप की शहादत व्यर्थ नहीं जाने दी जाएगी।
हरियाणा के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले के राज्यमंत्री कर्णदेब कांबोज व राज्यमंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि कुरुक्षेत्र के बेटे मनदीप सिंह की शहादत को हमेशा याद रखा जाएगा। उनकी शहादत देश के युवाओं को प्रेरणा देगी। लाडवा विधायक डॉ. पवन सैनी व विधायक सुभाष सुधा ने कहा कि कुरुक्षेत्र के इस बेटे की शहादत ने कुरुक्षेत्र का सिर ऊंचा किया है। डीसी सुमेधा कटारिया ने कहा कि शहीद मनदीप सिंह के परिजनों को प्रशासन की तरफ से हर प्रकार की सहायता की जाएगी।
मां से था ज्यादा लगाव
शहीद के पिता फूल सिंह व भाई संदीप सिंह का कहना है कि मनदीप सिंह वर्ष 2008 में 17 सिख रेजिमेंट में भर्ती हुए थे। मनदीप का मां निर्मला देवी के साथ खासा लगाव था।
कॉफिन को जलाया गया अलग से
सेना की ओर से जिस कॉफिन में शहीद का पार्थिव शरीर लाया गया था। उसे भी दाह संस्कार के तहत जलाया गया। पार्थिव शरीर को चिता पर रखने के बाद अलग से इस कॉफिन को जलाया गया।