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Kurukshetra News: भद्रकाली शक्तिपीठ में सुहागिनों ने श्रद्धा से मनाया करवा चौथ

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कुरुक्षेत्र। शक्तिपीठ मां भद्रकाली में करवा पूजन करती महिलाएं। स्वयं
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कुरुक्षेत्र। कृष्ण पक्ष की चतुर्थी पर शुक्रवार को मां भद्रकाली शक्तिपीठ में करवा चौथ श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही मंदिर परिसर में महिलाओं की भीड़ उमड़ी। सुहागिनें 16 शृंगार से सजी-संवरी मां भद्रकाली के दरबार में पहुंचीं और पूरे विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया।
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मुख्य पुजारिन शिमला देवी ने बताया कि करवा चौथ पति की दीर्घायु और सुखमय वैवाहिक जीवन की कामना के लिए मनाया जाने वाला पवित्र त्योहार है। करवा यानी मिट्टी का बरतन और चौथ यानी चतुर्थी, इस पर्व के प्रतीक हैं।
उन्होंने कहा कि मां भद्रकाली महिला मंडल की विवाहित सेविकाएं हर वर्ष इस पर्व को बड़े श्रद्धा भाव से मनाती हैं। पीठाध्यक्ष पं. सतपाल शर्मा ने कहा कि करवा चौथ प्यार, विश्वास और तपस्या का प्रतीक पर्व है, जो पति-पत्नी के अटूट रिश्ते को और मजबूत बनाता है। उन्होंने कहा कि चंद्रमा मन का प्रतीक है और यह पर्व मन, प्रेम और समर्पण का उत्सव है। शाम 3:30 बजे से शुरू हुए भव्य कार्यक्रम की शुरुआत भजन-कीर्तन और करवा कथा से हुई। कथा में पत्नी के दृढ़ संकल्प, प्रेम और त्याग की महिमा बताई गई। इसके बाद महिलाओं ने गौरी पूजा, शिव परिवार पूजा और चंद्र देव की आराधना की। चंद्रमा को आयु, सुख और शांति का कारक मानते हुए सुहागिनों ने अपने पति की दीर्घायु के लिए प्रार्थना की। कार्यक्रम में मेरी मांग का सिंदूर, लो आ गया करवे का त्योहार जैसे भजनों पर सभी महिलाओं ने नृत्य कर उत्सव का आनंद लिया। वातावरण भक्ति और उल्लास से गूंज उठा।
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अंत में मुख्य पुजारिन शिमला देवी ने सभी सुहागिनों को कुमकुम तिलक, चूड़ियां और शृंगार प्रसाद वितरित किया। महिलाओं ने श्री देवीकूप पर शक्ति त्रिशूल पर मन्नत का धागा बांधकर मां से अपने सुहाग की रक्षा और पति की दीर्घायु की प्रार्थना की। कार्यक्रम का लाइव प्रसारण मंदिर के फेसबुक पेज पर किया गया।
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कुरुक्षेत्र। शक्तिपीठ मां भद्रकाली में करवा पूजन करती महिलाएं। स्वयं

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