Haryana: मारकंडा नदी फिर उफान पर; कुरुक्षेत्र में 26 हजार क्यूसेक पानी पहुंचा, कठवा और तंगौर गांव में मार
Thu, 24 Aug 2023 07:19 PM IST
नवीन दलाल
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
सार
कुरुक्षेत्र के गांव कठवा की सरपंच सुखविंदर कौर ने बताया कि डेढ़ माह पहले आई बाढ़ के बाद गांव के किसानों ने खेतों में पानी उतरने के बाद पुनः धान की फसल रोपाई की थी, लेकिन आज फिर पानी आने के बाद फसल नष्ट हो गई है।
करीब डेढ़ माह तक शांत रही मारकंडा नदी वीवार को फिर उफान पर आ गई, जिसमें 26 हजार क्यूसेक पानी पहुंचा। पहाड़ों पर हुई बारिश के चलते नदी में आए इस पानी ने नदी के तट पर स्थित गांव कठवा और तंगौर गांवों में मार की, जहां फिर से फसलें डूब गई।
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गांवों में फिर बने बाढ़ के हालात
देर शाम तक गांव की सड़कों तक पहुंचा था, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई। वहीं गेज रीडर रविंदर के मुताबिक पानी का स्तर कम होना शुरू भी हो गया। गांव कठवा की सरपंच सुखविंदर कौर ने बताया कि डेढ़ माह पहले आई बाढ़ के बाद गांव के किसानों ने खेतों में पानी उतरने के बाद पुनः धान की फसल रोपाई की थी, लेकिन आज फिर पानी आने के बाद फसल नष्ट हो गई है। गांव तंगौर निवासी रवि ने बताया कि गांव की सड़कों की हालत बाढ़ के बाद आज तक ठीक नहीं हो पाई है और आज फिर इन पर पानी पहुंच गया, जिससे ये सड़कें और भी खस्ताहाल हो जाएंगी।
कालाअम्ब के गेज रीडर कश्मीरा लाल ने बताया कि फिलहाल पहाड़ों पर बारिश नहीं है और वहां मारकंडा नदी में वीरवार दोपहर तक मात्र 4500 क्यूसेक पानी आंका गया है। मारकंडा नदी में बेगना और रुन नदी का पानी भी पहुंचता है, लेकिन अभी इन नदियों में भी पानी की मात्रा कम हुई है। अम्बाला के गांव हेमा माजरा में बांध कटाव के कारण गांव सोहता के रस्ते नदी के पानी ने गांव डाडलु और पाडलु के खेतों तक दस्तक दी है। गांव पाडलु के सरन सिंह ने बताया कि वह बाढ़ के बाद दो बार धान रोपाई कर चुके हैं और अब फिर फसल नष्ट होने की संभावना बन गई है। सरन ने बताया कि सरकार की तरफ से अभी तक कोई भी अधिकारी फसल की गिरदावरी करने नहीं आया है और अब धान की रोपाई संभव हो सकती।