संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र/इस्माईलाबाद/शाहाबाद। पहाड़ी क्षेत्र में हो रही बारिश के चलते मारकंडा नदी शुक्रवार को फिर उफान पर पहुंच गई। सुबह साढ़े तीन हजार क्यूसेक तक बह रही मारकंडा में शाम सात बजे तक जीटी रोड शाहाबाद के पास जलस्तर करीब 22 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया जबकि मुलाना में यह करीब 43 हजार क्यूसेक तक दर्ज किया गया।
मारकंडा से लगते कलसाना गांव के एरिया में मारकंडा का कुछ पानी ओवरफ्लो होकर निकला। इससे न केवल आसपास के ग्रामीणों व शाहाबाद शहर के लोगों की भी चिंता बढ़ गई और प्रशासन भी एकाएक अलर्ट मोड पर आ गया। गांवों में मुनादी कराई गई और पटवारियों से लेकर अन्य कर्मियों को जेसीबी व अन्य संसाधनों के साथ तैनात किया गया। ग्रामीणों को ठीकरी पहरा लगाए जाने के भी निर्देश दिए गए।
अभी लोग एक सप्ताह पहले मारकंडा नदी की पड़ी मार से उभर भी नहीं पाए थे कि शुक्रवार को अचानक फिर चिंता बढ़ गई। हालांकि देर शाम तक मारकंडा का पानी नदी से कलसाना के अलावा कहीं बाहर नहीं निकला लेकिन ग्रामीणों के साथ-साथ प्रशासन में भी हलचल मची रही। कंट्रोल रूम को अलर्ट कर दिया गया और सिंचाई विभाग के एक्सईएन मुनीष बब्बर व अन्य अधिकारी नदी पर सुबह से देर शाम तक जायजा लेते रहे। किसान मारकंडा नदी के कमजोर तटबंधों पर पहरा देने लगे। गेज रीडर योगेश कुमार के अनुसार दोपहर के समय गांव झांसा में मारकंडा नदी में करीब सात हजार क्यूसेक पानी बहता रहा। मुलाना में करीब 52 हजार क्यूसेक पानी बहता रहा।
उम्मीद नहीं थी इतनी तेजी से बढ़ेगा जलस्तर : सिंचाई विभाग के एक्सईएन मुनीष बब्बर का कहना है कि उम्मीद नहीं थी कि इतने कम समय में जलस्तर 22 हजार क्यूसेक तक पहुंच जाएगा। ऐसे में एहतियात के तौर पर हर प्रकार के प्रबंध किए गए। जलबेहड़ा व झांसा के पास पुलों के आसपास पानी रीस जाने की जगहों पर मिट्टी से भरे कट्टे लगाए गए। झांसा पुल पर जेसीबी तैनात कर दी गई।
हर अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक अलर्ट : एसडीएम चिनार चहल का कहना है कि जलस्तर अचानक बढ़ा है जिसके चलते गांवों में मुनादी कर लोगों को अलर्ट करवा दिया गया है। सभी कर्मचारी और अधिकारी अलर्ट मोड पर हैं। पल-पल निगरानी की जा रही है। फिलहाल कहीं से नुकसान की सूचना नहीं आई है।