कुरुक्षेत्र। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की ओर से मंगलवार को 2022-23 का बजट विधानसभा में पेश किया गया। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बतौर वित्त मंत्री बजट को प्रदेश के चहुंमुखी विकास और संसाधनों के बेहतरीन उपयोग को ध्यान में रखते हुए प्रस्तुत किया है। इस बार हरियाणा का बजट प्रदेश की जरूरतों को प्राथमिकता देता हुआ बनाया गया है। इसे ड्रीम बजट भी कहा जा सकता है।
बजट के संदर्भ में प्रतिक्रिया देते हुए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्री डॉ. प्रदीप चौहान ने कहा कि कोविड-19 से लड़ते हुए सरकार ने बजट में प्रदेश के विकास को एक चुनौती की तरह लिया है। 1,77,255 करोड़ के बजट में वित्तीय प्रबंधन का पूरा ध्यान रखा गया है। वहीं राजकोषीय घाटा 15वें वित्त आयोग के सिफारिश के अनुसार 2.99 प्रतिशत रखना एक बड़ी उपलब्धि है।
बजट में पेंशनधारकों के लिए कैशलेस मेडिकल कार्ड, पूंजीपति व्यय पर 61,057 करोड़ रखा गया है जोकि 33.4 प्रतिशत है। अर्ध सैनिकों को सैनिकों वाली सुविधाएं देना, हिसार में नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की घोषणा भी विकास की एक कोशिश है। डॉ. प्रदीप ने कहा कि कक्षा 10वीं व 12वीं के विद्यार्थियों को टैब देने का निर्णय स्वागत योग्य है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में हर जिले में मेडिकल कॉलेज और 1.80 लाख रुपये तक आय वाले सभी लोगों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ देना भी बजट में शामिल है। इसके अलावा सीएचसी व पीएचसी को अपग्रेड करने के साथ दूसरी सुविधाओं और ढांचागत विकास पर जोर दिया गया है। ये जलवायु, शोध एवं नवाचार फंड और उद्यम पूंजी फंड विकास को बढ़ावा देने वाला है। यह बजट सरकार के विजन और लंबी सोच को दर्शाता है। बजट से प्रगतिशील किसान कृषि दर्शन योजना नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। इसमें पशुपालन, डेयरी एवं विकास, मत्स्य पालन व पोल्ट्री विकास आदि पर जोर दिया गया है। इससे कृषि एवं ग्रामीण विकास में रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा में बेरोजगारी दर30 से 32 फीसदी है, सरकार ने इस बजट में इस पर ध्यान नहीं दिया। सरकार को बेरोजगार युवाओं को तत्काल रोजगार देने के लिए अहम कदम उठाने चाहिए। इसके अलावा शिक्षा का बजट भी बढ़ाने की जरूरत है, जिससे हमारे युवाओं को विदेशों की ओर रुख न करना पड़े।
डॉ. चौहान ने कहा कि पर्यावरण में दर्शन लाल जैन पुरस्कार की घोषणा से प्रदेश सरकार का पर्यावरण को प्राथमिकता देने का एक बेहतर कदम है। वायु प्रदूषण पर रोक लगाने और उस पर नियंत्रण के लिए 100 गुणवत्ता निगरानी केंद्र व ग्रीन स्पॉट विकसित करने की पहल भी सराहनीय है। कुरुक्षेत्र में महाभारत कालीन थीम पार्क व कृष्णा सर्किट योजना के तहत 97 करोड़ की सौगात दी जाएगी। 10 हजार स्वयं सहायता समूह के माध्यम से 50 हजार महिलाओं को सहायता देने की बात कही गई है।
मुख्यमंत्री ने बजट भाषण के शुरुआत में कही पंक्तियों से अपने बजट में यह कहने की कोशिश की है कि मैं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने की कोशिश नहीं कर रहा हूं, मैं शुरुआत ही अब अंतिम व्यक्ति से कर रहा हूं। इसी प्रकार से उत्कृष्ट कार्यों के लिए सुषमा स्वराज अवॉर्ड के तहत दी जाने वाली पांच लाख रुपये की राशि हरियाणा मातृशक्ति योजना महिलाओं में उद्यमिता बढ़ाने के लिए सहायक होगी। 50 अटल टिंकरिंग लैब बनने से थ्री-डी प्रिंटिंग, ड्रोन टेक्नोलॉजी आर्टिफिशियल टेक्नोलॉजी, उद्यम रियलिटी, ब्लॉक चैन मैनेजमेंट की स्थापना से प्रदेश में आधुनिकता को बढ़ावा मिलेगा। स्कूली बच्चों में ओलंपिक व उनको प्रोत्साहन के लिए नासा व इसरो में भेजने में छात्रवृत्ति देना भी एक अच्छा कदम है। कृषि क्षेत्र एवं ग्रामीण विकास के लिए अनेक ऐसे कदम उठाए गए हैं वह कृषि क्षेत्र के लिए 5988 करोड़ का बजट 27.07 फीसदी ज्यादा कृषि को देना सरकार की विविधता को दर्शाता है।