Action will be taken against those who sell products by putting the wrong mark of organic and natural farming
- फोटो : Kurukshetra
कुरुक्षेत्र। स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने, जैविक और प्राकृतिक खेती के नाम पर गलत उत्पाद बेचने पर अब जेल की हवा खानी पड़ सकती है। इसके लिए सरकार ने जैविक उत्पादों के नाम पर मार्का लगाने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। अब जैविक खेती के उत्पादों पर मार्का लगाकर मार्केट में बेचने वालों को प्रमाणपत्र लेना जरूरी होगा। इसके लिए दमदार माटी जैविक प्रसार संस्थान को अधिकृत किया गया है।
यह संस्थान जैविक उत्पादों का मार्का लगाकर मार्केट में बेचने के लिए किसानों को अधिकृत करेगा। ये शब्द कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की तरफ से आयोजित कृषि कार्यशाला में संस्थान के संस्थापक डॉ. मुकेश कांबोज ने कहे।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार के कृषि मंत्रालय की तरफ से दमदार माटी जैविक प्रसार संस्थान झोरड़ नाली सिरसा को कुछ दिन पहले ही अधिकृत किया है। इस संस्थान को हरियाणा सहित 15 राज्यों के किसानों की जैविक खेती का मूल्यांकन करके प्रमाणपत्र देने की शक्तियां प्रदान की है। इन शक्तियों के तहत अब जैविक खेती का उत्पाद बेचने वालों को मार्का लगाने के बाद उत्पादों का मूल्यांकन करवाकर प्रमाणपत्र लेना जरूरी होगा। अगर किसी भी स्तर पर कोई भी व्यक्ति या किसान जैविक उत्पाद पर झूठा या गलत मार्का लगाकर उत्पाद को मार्केट में बेचा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। वहीं उसे जैविक उत्पाद बेचने के लिए ब्लैक लिस्टेड भी कर दिया जाएगा और दोषी को जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है।
कहा कि अब तक संस्थान के पास प्रदेशभर के 600 किसानों ने प्रमाणपत्र लेने के लिए आवेदन किया है। इन सभी किसानों को 90 दिन के अंदर नियमानुसार कार्रवाई करने के उपरांत प्रमाणपत्र जारी कर दिया जाएगा। आने वाले कुछ समय में प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को भी प्रमाणपत्र लेना जरूरी होगा।