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Kurukshetra News: मलेरिया विभाग का डेंगू सर्वेक्षण पूरा, गंभीर हालात नहीं

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कुरुक्षेत्र। घर के बाहर रखे पानी के बर्तन में लारवा की जांच करते स्वास्थ्य कर्मी। संवाद
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कुरुक्षेत्र। स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए चलाए गए पहले चरण के डोर-टू-डोर सर्वेक्षण को पूरा कर लिया है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. प्रदीप ने बताया कि सर्वेक्षण में गंभीर हालात नहीं पाए गए, लेकिन बारिश के मौसम में डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी की आशंका को देखते हुए विभाग ने सर्वेक्षण को पूरे सीजन जारी रखने का निर्णय लिया है।
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सर्वेक्षण के तहत अब तक 5,52,651 घरों का निरीक्षण किया गया, जिसमें 6,34,884 कंटेनरों की जांच की गई। इस दौरान 142 स्थानों पर मच्छरों का लार्वा पाया गया। जिसे दवाइयों के माध्यम से नष्ट कर दिया गया। उन्होंने बताया कि इस सीजन में अभी तक डेंगू या मलेरिया का कोई मामला सामने नहीं आया है। पिछले वर्ष 2024 में जिले में डेंगू के 283 मामले दर्ज किए गए थे और उन सभी क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें दोबारा जांच कर चुकी हैं।
सर्वेक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमें लोगों को डेंगू और मलेरिया से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक कर रही हैं। लार्वा पाए जाने पर 18 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। आशा कार्यकर्ताओं और मल्टी-पर्पस हेल्थ वर्कर्स (एमएचपीडब्ल्यू) की टीमें गांवों में तैनात की गई हैं, जो किट के माध्यम से बुखार की जांच कर रही हैं। बुखार के लक्षण वाले मरीजों को जिला अस्पताल भेजकर उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है। अब तक 45,087 रक्त स्लाइड्स बनाकर डेंगू की जांच की गई है।
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पूरे सीजन जारी रहेगा सर्वेक्षण : डॉ. प्रदीप
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. प्रदीप ने बताया कि विभाग तीन स्तरों पर सर्वेक्षण कर रहा है। पहले स्तर पर अस्पताल में आए मरीजों में बुखार के लक्षण मिलने पर वहीं उनकी जांच की जाती है। रैपिड जांच में ईंट भट्टों और स्लम क्षेत्रों में रैपिड टेस्टिंग की जा रही है। तीसरे चरण में डेंगू का कोई मामला सामने आने पर आसपास के 50 घरों में तत्काल जांच। वहीं उन्होंने बताया कि मलेरिया की जांच किट के माध्यम से तुरंत की जा रही है लेकिन डेंगू जांच के लिए किट का उपयोग सरकार द्वारा प्रतिबंधित है। ऐसी किसी गतिविधि की जानकारी विभाग को दी जानी चाहिए।
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