संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में प्रसिद्ध कवि डॉ. हरिओम पंवार और अन्य कवियों ने व्यंगात्मक कविताओं की प्रस्तुति देकर ब्रह्मसरोवर में पहुंचने वाले पर्यटकों को जागरूक करने का काम किया। वहीं, सैंड ऑफ आर्ट के कलाकारों ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुति देकर महाभारत को जीवंत करने का अनोखा प्रयास किया।
शनिवार को ब्रह्मसरोवर पुरुषोत्तमपुरा बाग में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में डाॅ. हरिओम पंवार, डाॅ. गजेंद्र सोलंकी, सीता राठौर, सुनील जोगी व अन्य कवियों ने वर्तमान समाज को जागरूक करने के लिए अपनी कविताओं की बेहतरीन प्रस्तुति दी। इन प्रस्तुतियों पर सभी ने खूब सराहा। महोत्सव के मुख्य मंच पर पहली बार सैंड ऑफ आर्ट की प्रस्तुति हई। इस कलाकार ने रेत के जरिये कलाकृतियां बनाकर महाभारत के अहम लम्हों को जीवंत करने का अनोखा प्रयास किया। इस प्रस्तुति में भगवान कृष्ण और अर्जुन के बीच कुरुक्षेत्र की भूमि पर हजारों वर्ष पूर्व हुए उपदेशों को भी दिखाने का प्रयास किया गया। इसका शुभारंभ कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के उप निदेशक डा.पवन आर्य, सांस्कृतिक अधिकारी डाॅ. हृदय कौशल, डाॅ. कुसम डांगी, डाॅ. तान्या ने किया।
इस सांस्कृतिक संध्या में केडीबी के सदस्यों ने कलाकारों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। केडीबी सदस्य विजय नरुला, डाॅ. एमके मोदगिल, कैप्टन अमरजीत सिंह, अशोक रोशा, डाॅ. ऋषिपाल मथाना आदि उपस्थित थे।