सर... मीटर घरों से बाहर न निकाले जाने की एवज में बिजलीकर्मी 10-10 हजार रुपये वसूल रहे हैं। रिश्वत का यह खेल सरेआम खेला जा रहा है। रिश्वत न दिए जाने पर जहां कई मीटर बाहर लगा दिए जाते है तो कई मीटरों को छेड़छाड़ किए जाने का बहाना बनाकर ले जाते है। ये आरोप शाहबाद निवासी महिला इंद्रकौर ने लगाए।
जिला स्तरीय बिजली सम्मेलन में बिजली निगम के अतिरिक्त मुख्य सचिव व अन्य उच्चाधिकारियों के समक्ष फफक-फफक कर रोते हुए उक्त महिला ने न्याय की गुहार लगाई। हालांकि इस पर निगम के प्रबंध निदेशक नितिन यादव ने हेडक्वाटर से सीधे इस मामले की जांच करवाए जाने का भरोसा दिया, लेकिन महिला ने इसी दौरान मीडिया के सामने भी अपना दुखड़ा रोया। उन्होंने कहा कि न्याय नहीं मिला तो वह बिजली अधिकारी कार्यालय पर ही आत्महत्या करने को मजबूर होंगी, जिसके जिम्मेदार उन्हें प्रताड़ित करने वाले जेई व अन्य अधिकारी होंगे।
अधिकारियों के समक्ष उक्त महिला के साथ-साथ अन्नू व मधु सहित एक अन्य महिला ने आरोप लगाते हुए बताया कि उसके घर निगम के जेई व अन्य कर्मचारी पहुंचे और मीटर बाहर लगाने व मीटर में छेड़छाड़ करने के आरोप लगाते हुए उनके मीटर उतार ले गए। इन कर्मचारियों ने उनसे बातचीत करना भी मुनासिब नहीं समझा और जब वह इस बारे में उनके पास कार्यालय गई तो वहां भी सुनवाई नहीं की गई जबकि मीटर ले जाने के दौरान उनके घर पर उनके परिवार का कोई पुरुष सदस्य भी नहीं था। उन्हें सरेआम कहा गया कि उपर तक पैसा भेजना पड़ता है, आप कुछ इंतजाम कर देते तो आपके मीटर बच जाते। अपने साथ हुए अन्याय को लेकर वह निगम के अन्य कार्यालयों में भी चक्कर काट-काट कर थक चुकी है और सुनवाई न होने पर उन्होंने पुलिस का भी सहारा लिया। लेकिन आज तक उन्हें न्याय नहीं मिल पाया है।
महिला ने अधिकारियों के समक्ष आरोप लगाए कि उनके आस-पास से ही 10-10 हजार रुपए वसूले गए। ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें न्याय दिलाया जाए। अधिकारियों ने उन्हें शिकायत दिए जाने को कहा और आश्वासन दिया कि इस मामले की जांच करवाई जाएगी तथा जो भी कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
1 लाख 12 हजार का जुर्माना देख पुलिसकर्मी के उड़े होश
एक पुलिस कर्मी के उस समय होश उड़ गए जब उसके घर बिजली निगम की ओर से 1 लाख 12 हजार रुपए का जुर्माना पत्र भेजा गया। अमीन रोड निवासी पुलिस कर्मी सुभाष चंद्र ने बताया कि उसके घर महिलाएं ही थी, जिस दौरान मीटर उतार ले गए और दो दिन बाद ही उन्हें उक्त पत्र भेज दिया। मीटर में क्या कमी पाई गई, यह भी जानकारी उन्हें नहीं दी गई। उन्होंने कभी मीटर से छेड़छाड़ नहीं की और न ही कभी बिजली चोरी की। लेकिन उनकी बिजली निगम का कोई भी अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है।