हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य डॉ. देवव्रत के सम्मान समारोह की तैयारियों में गुरुकुल के विद्यार्थियों ने भी पूरी ताकत झोंक रखी थी। जहां गुरुकुल के छात्र घुड़सवार मुख्य अतिथियों की अगुवाई करने के लिए तत्पर खड़े थे, वहीं दूसरी ओर गुरुकुल का बैंड भी पारंपरिक वेषभूषा में सभी अतिथियों का स्वागत कर रहा था।
ऐसा नहीं था कि विद्यार्थियों का उत्साह उन्हें आचार्य से जोड़े हुए था, बल्कि आचार्य भी भावनात्मक रूप से उनसे जुड़े हुए नजर आए। मंच पर भाषण के दौरान आचार्य डॉ. देवव्रत का गला भर आया और उन्होंने कहा कि यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों, स्टाफ सदस्यों ही नहीं बल्कि एक एक ईंट और एक एक कण से मेरा गहरा नाता है।
गुरुकुल कुरुक्षेत्र के बारे में बताते हुए राज्यपाल डॉ देवव्रत ने कहा कि यहां की एक-एक ईंट मुझे जानती है, गुरुकुल में एक-एक गाय का नाम उन्हें पता है। स्वयं को संभालते हुए उन्होंने बताया कि जब वे यहां आए थे तो लोग अपने बच्चों को नहीं भेजते थे। वे दिन में बैठकर बच्चों को पढ़ाते थे और रात में भजन मंडली को लेकर गांवों में निकल जाते थे। लोगों को गुरुकुल के प्रति प्रेरित करते। लेकिन, आज गुरुकुल में दाखिला दिलाना बच्चों के लिए ही नहीं अभिभावकों के लिए भी सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मैने कभी नाम के लिए कोई काम नहीं किया। करोड़ों रुपये के भवनों का यहां निर्माण हुआ है, लेकिन मेरा किसी एक ईंट पर भी नाम नहीं है।
मंत्रियों के मोटापे पर किया योग गुरु ने कटाक्ष
हुआ यूं कि योग गुरु स्वामी रामदेव मंच पर हों और योग की बात न हो ऐसा संभव नहीं है। मंच पर भाषण देते हुए योग गुरु ने अपने चिर परिचित अंदाज में योग की फिर ब्रांडिंग की और साथ ही कपालभाति करने पर जोर दिया। उन्होंने मंच पर मौजूद हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल और उनके मंत्रिमंडल को सबसे सुंदर बताया, लेकिन साथ ही मंत्रियों व विधायकों को सलाह दी कि वे योग अवश्य करें। उन्होंने कहा कि पेट को काबू में कर लो मंत्री मंडल और ज्यादा सुंदर लगेगा। उन्होंने मंच पर कपालभाति करके दिखाया और सभी का आह्वान किया कि वे योग करें ताकि जीवन स्वस्थ रहे।
आचार्य और सीएम ने छुए योग गुरु के चरण
कार्यक्रम में जब योग गुरु स्वामी रामदेव पहुंचे तो सभी ने उठकर उनका स्वागत किया। इस दौरान मंच पर मौजूद हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल और हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य डॉ. देवव्रत ने उनके चरण छूकर आशीर्वाद लिया। लेकिन योग गुरु ने मध्य में ही आचार्य देवव्रत को कंधों से पकड़कर गले लगा लिया।
योग गुरु ने किए आचार्य बलदेव के चरण स्पर्श
योग गुरु के पहुंचने के चंद मिनट बाद ही आर्य प्रतिनिधि सभा के आचार्य बलदेव मंच पर पहुंचे। इस पर योग गुरु ने अपने खड़ाऊ उतारे और उनके चरण छूकर आशीर्वाद लिया। इसे देख मंच पर मौजूद मुख्यमंत्री और आचार्य डॉ. देवव्रत ने भी खड़े होकर सम्मान दिया।
कार्यक्रम की झलकियां
- डीएवी संस्था की ओर से आचार्य डॉ. देवव्रत को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया।
- योग गुरु ने स्वामी दयानंद सरस्वती को लेकर गीत सुनाया तो पांडाल में मौजूद लोगों ने भी साथ गाया।
- सभी मुख्य अतिथियों का स्वागत गुरुकुल कुरुक्षेत्र के बैंड और घुड़सवार ब्रह्मचारियों ने किया।
- सभी अतिथियों का सम्मान आर्य प्रतिनिधि सभा की ओर से किया गया।
- 10 बजे से लेकर दोपहर ढाई बजे तक चले कार्यक्रम के दौरान लोग उमस भरी गर्मी के बीच भी तटस्थ होकर बैठे रहे।
- कार्यक्रम को लंबा होता देख मंच संचालन कर रहे प्रो. राजेंद्र विद्यालंकार ने सभी वक्ताओं से अपील की कि वे समय सीमा का ध्यान रखें तो सभी ने अपने वक्तव्य काफी संतुलित शब्दों में दिए।
- गुरुकुल कुरुक्षेत्र में राज्यपाल आचार्य देवव्रत के अभिनंदन समारोह में अंबाला गुरुकुल की छात्राओं ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल, स्वामी रामदेव, हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत समेत सभी के हाथों में राखियां बांधी।