हरियाणा के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि आज पूरा विश्व आतंक की आग में जल रहा हैं, जिसमें किसी भी देश की सरकारें व बड़ी-बड़ी संस्थाएं कुछ नहीं कर पा रही हैं। ऐसे में इस्कॉन मानव जाति को मानवता का पाठ पढ़ाकर शांति का संदेश पूरे विश्व में दे रही है। राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने शनिवार को ज्योतिसर में इस्कॉन द्वारा बनाए जाने वाले पहले श्रीकृष्ण-अर्जुन मंदिर की आधारशिला रखी।
राज्यपाल सोलंकी ने कहा कि विश्व में ऐसा पहला मौका है, जहां कृष्ण और अर्जुन की मूर्ति एक ही मंदिर होगी। यह मंदिर हमें यह भी शिक्षा देगा की यदि भक्त होना हैं तो अर्जुन जैसा होना चाहिए। अर्जुन के अंदर भी मोह था। इस मोह को मिटाने के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को धर्म व अन्याय का संदेश दिया, जिसे आज पूरा विश्व गीता के संदेश के रूप में जानता हैं। श्रीकृष्ण ने अर्जुन को यह संदेश कुरुक्षेत्र की इस पवित्र भूमि में ही दिया था। श्रीकृष्ण द्वारा लगभग 5 हजार वर्ष पहले दिया गया संदेश आज भी मानव जाति के लिए उतना ही प्रासंगिक है, जितना कि उस समय अर्जुन के लिए था। मनुष्य यदि आत्मिक शांति का अपने जीवन में संचार करना चाहता हैं तो उसे गीता के संदेश का अनुसरण करना होगा। इस संदेश के लिए पूरे विश्व में भारतवर्ष को जाना जाता है।
राज्यपाल ने कहा कि श्रीकृष्ण-अर्जुन मंदिर के निर्माण में कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड भी सहयोग कर रहा हैं। केडीबी द्वारा इस्कान संस्था को 6 एकड़ जमीन दी हैं। इतना ही नहीं केडीबी बोर्ड द्वारा इस विश्वस्तरीय मंदिर के निर्माण में और अधिक सहयोग किया जाएगा ताकि भव्य मंदिर बनने के बाद कुरुक्षेत्र का नाम विश्व पटल पर अंकित हो।
50 करोड़ लोगों को बांटी गीता : गोपाल
इस्कॉन संस्था के संचालक गोपाल कृष्ण गोस्वामी ने श्रीकृष्ण-अर्जुन मंदिर की आधारशिला रखने पर राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी का आभार व्यक्त किया और कहा कि संस्था पूरे विश्व में मानव कल्याण के लिए प्रयास कर रही हैं। 50 वर्षों से अब तक करीब 50 करोड़ श्रीमद्भगवद गीता इस्कॉन द्वारा वितरित की जा चुकी हैं, जो कि सभी ग्रन्थों में सर्वाधिक हैं। इस्कान द्वारा विश्व के करीब 21 देशों में गीता के संदेश को पहुंचाया गया है। इस्कॉन द्वारा लोगों की सुविधा के लिए गीता का अनुवाद 80 भाषाओं में किया गया हैं।
इस्कॉन के संस्थापक चैतन्य महाप्रभु एक बार कुरुक्षेत्र का भ्रमण करने आए थे, उस समय उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय गुलजारी लाल नंदा के सामने इच्छा जाहिर की थी कि भगवान श्रीकृष्ण की इस पवित्र भूमि पर श्रीकृष्ण और उनके भक्त अर्जुन का भव्य मंदिर बनना चाहिए जिसे पूरे विश्व के लोग देखने आए और श्रीकृष्ण और अर्जुन के इस पवित्र प्यार से शिक्षा प्राप्त कर सकें। विश्व में इस्कॉन के 600 केन्द्र हैं, इनमें से 150 भारत में हैं।
विधायक ने व्यक्त किया आभार
थानेसर के विधायक सुभाष सुधा ने राज्यपाल व इस्कॉन के सभी सदस्यों का आभार प्रकट किया और कहा कि राज्यपाल ने इस पवित्र कार्य को करके कुरुक्षेत्र की पवित्र भूमि पर एक और अनूठा कीर्तिमान स्थापित किया हैं। उन्होंने इस्कॉन के सभी श्रृद्धालुओं का भी आभार प्रकट किया जिन्होंने श्रीकृष्ण व अर्जुन के मंदिर का निर्माण करने का निर्णय लिया हैं। कार्यक्रम में स्वामी मानव दास, साक्षी गोपाल दास, पूर्व सांसद डॉ. रामप्रकाश, राज्यपाल की सचिव एवं अंबाला मंडल की आयुक्त नीलम प्रदीप कासनी सहित इस्कॉन के श्रद्धालु उपस्थित रहे।
एक अरब रुपये में होगा तैयार
मंदिर की अनुमानित लागत 100 करोड़ रुपये है। पांच वर्षों में निर्माण पूर्ण करने का लक्ष्य है। इस मंदिर कि खासियत है कि इसका ढांचा रथ थीम पर होगा। इसमें चार घोड़े भगवान के रथ रूपी मंदिर की अगुवाई करेंगे। इसके बाद श्रद्धालु रथ पर भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन के भव्य रूप को निहार सकेंगे। प्रोजेक्ट के लिए 21 सदस्यीय टीम गठित की गई है।
एक हजार शिल्पकार बनाएंगे
इस भव्य मंदिर के निर्माण के लिए राजस्थान के साथ ही अन्य राज्यों से एक हजार शिल्पी बुलाए जाएंगे। इसमें कलाकृति, पेंटिंग और बेहतरीन कला के जानकार कार्य करेंगे।
वियतनाम से आएगा सफेद पत्थर
कृष्ण अर्जुन मंदिर की भव्यता का अंदाजा इसी बात से पता लग सकता है कि इस मंदिर में लगने वाला सफेद पत्थर वियतनाम से मंगाया जाएगा।
रूस से आएंगे चार स्पेशल घोड़े
रथ की थीम पर बने इस मंदिर की अगुवाई करने वाले पत्थर के चार घोड़े रूस से मंगवाए जाएंगे। इनकी बनावट पर कार्य भी शुरू हो चुका है।
ये-ये होगा मंदिर परिसर में
छह एकड़ में बन रहे मंदिर के परिसर में हाई टेक संग्रहालय होगा, जहां पर लोगों को गीता का संदेश सुनाया जाएगा। गोविंदा नामक शाकाहारी रेस्तरां, इंटरनेश्नल गेस्ट हाउस, वैदिक लाइब्रेरी, आर्ट गैलरी, भगवान की लीलाओं पर आधारित 500 लोगों की क्षमता वाला ऑडिटोरियम, लाइट एंड साउंड शो, म्यूजिकल फाउंटेन और एक कक्ष में श्रीमद्भगवद गीता पर प्रतिदिन कक्षाओं का आयोजन किया जाएगा।