संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाने वाली नरक चतुर्दशी या छोटी दिवाली केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यह आध्यात्मिक शुद्धि और आंतरिक प्रकाश का प्रतीक है। यह पर्व हमें सिखाता है कि जैसे भगवान श्रीकृष्ण ने असुर नरकासुर का संहार कर अधर्म पर विजय प्राप्त की, वैसे ही हमें भी अपने भीतर के अंधकार, क्रोध और नकारात्मकता को मिटाकर जीवन में प्रकाश और सद्गुणों का संचार करना चाहिए।
ज्यातिषाचार्य डॉ. रामराज कौशिक ने बताया कि छोटी दिवाली रविवार को मनाई जाएगी। चूंकि यह दीपावली से एक दिन पूर्व आती है, इसलिए इसे छोटी दिवाली कहा जाता है। इस दिन लोग अकाल मृत्यु से मुक्ति पाने के लिए यमराज के नाम का दीपक जलाते हैं। साथ ही हनुमान जी की पूजा का भी विशेष महत्व होता है।
शुभ मुहूर्त और पूजन का समय
पंचांग के अनुसार नरक चतुर्दशी तिथि 19 अक्टूबर दोपहर एक बजकर 51 मिनट बजे से शुरू होकर 20 अक्टूबर दोपहर तीन बजकर 44 मिनट तक रहेगी। इस दिन अभ्यंग स्नान का शुभ समय सुबह चार बजकर 56 मिनट से छह बजकर आठ मिनट तक रहेगा। ज्योतिषाचार्य का कहना है कि इस दिन स्नान और दीपदान से व्यक्ति को नरक के कष्टों से मुक्ति मिलती है।
यम का दीपक जलाने का मुहूर्त
पंडित राकेश कुमार के अनुसार, छोटी दिवाली पर यम दीपक जलाने का शुभ समय शाम पांच बजकर 47 मिनट से सात बजकर चार मिनट तक है। सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में यमराज के नाम का दीपक जलाना दीर्घायु और शुभ फल देने वाला माना गया है।
कुरुक्षेत्र। ज्योतिषाचार्य रामराज कौशिक।