यमुनानगर। नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी के मेयर का पद एससी महिला के लिए आरक्षित होने से सियासी माहौल बदल गया है। साथ ही नगर निगम के चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ गई हैं।
अलग-अलग दलों से मेयर की टिकट को लिए कई एससी महिला पदाधिकारी स्वयं अपनी दावेदारी जताने की तैयारी में हैैं, वहीं कई पुरुष पदाधिकारी घर की महिलाओं के लिए मेयर का टिकट चाह रहे हैं। इनमें कोई पत्नी तो कोई मां, बहन या बेटी को मेयर का टिकट दिलाना चाह रहा है, ऐसे प्रयास में कई पूर्व पार्षद व निगम से ठेकेदार व कर्मचारी भी है।
मेयर पद महिला आरक्षित होने के बाद फील्ड से सोशल मीडिया तक एससी वर्ग से मेयर टिकट की दावेदारी के लिए कई पुरुष पदाधिकारियों की सक्रियता बढ़ी नजर आई।
इनमें कोई पत्नी तो कई मां, बहन या बेटी को मेयर का टिकट दिलाने की रणनीति में हैं। ऐसा चाहने वालों में कई पूर्व पार्षद भी हैं, जिनमें कोई अपने साथ पत्नी के फोटो व नाम सहित सोशल मीडिया पर पोस्ट डाल रहा है तो कोई क्षेत्र में चल रहे कामों के साथ भी अपने फोटो सोशल मीडिया पर शेयर कर रहा है। ऐसा कर सभी अपने पक्ष में माहौल बनाने के प्रयास में हैं।
नगर निगम के पिछले सदन (मेयर व 22 पार्षदों) का कार्यकाल सात जनवरी 2023 से खत्म हो गया था। इस तरह करीब एक साल से नगर निगम चुनाव लंबित हैं, जो फरवरी-2025 में होने की उम्मीद है। पहले लोकसभा और विधानसभा चुनाव के चलते वार्डबंदी कार्रवाई लटक गई। विधानसभा चुनाव के बाद गत सात दिसंबर को नई वार्डबंदी के ड्राफ्ट की प्रति नगर निगम कार्यालय में चस्पाई गई, जिस पर 16 दिसंबर की अवधि तक 13 एतराज आए। इनमें 12 एतराज खारिज और एक स्वीकृत हुआ। अब ड्राफ्ट फाइनल नोटिफिकेशन के लिए सरकार को भेजा गया है। संवादक