कुरुक्षेत्र। जिला के वकीलों ने मंगलवार को भी कामकाज ठप रखा। इससे जिला न्यायालय परिसर समेत पिहोवा व शाहाबाद न्यायिक परिसरों में कोई न्यायिक कार्य नहीं हो सका। यह रोष प्रदर्शन सप्ताह भर से जारी है।
अधिकतर वकील अपने चैंबर में बैठे रहे या घरों को लौट गए। परिसर में खाली कुर्सियां दिखीं और चहल-पहल भी नहीं थी। दूर-दराज से आए पक्षकारों और वादकारियों को परेशानी झेलनी पड़ी। उन्हें अपने मामलों में केवल आगे की तारीख लेकर लौटना पड़ा। सामान्यतः हर-रोज 700 से ज्यादा मामले प्रभावित होते हैं। हालांकि, इस हड़ताल का असर करीब 1500 मामलों पर पड़ रहा है। जिला बार एसोसिएशन के प्रधान धर्मेंद्र अत्री ने बताया कि बुधवार को भी वकील काम नहीं करेंगे। वे अपना रोष इसी तरह जाहिर करते रहेंगे।
वकीलों की मांग और रोजगार पर असर
अन्य वकीलों ने बताया कि कामकाज ठप रहने से केवल मामलों पर ही असर नहीं पड़ रहा। इसका प्रभाव उनके रोजगार पर भी पड़ रहा है। वकीलों ने सरकार से अपनी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है। उनकी मांग है कि सरकार इन मांगों को जल्द पूरा करे।