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बीते तीन साल, नहीं बदला करनाल का हाल

Thu, 25 May 2017 11:07 PM IST
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला
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केंद्र में भाजपा की सरकार के तीन साल पूरे हो गए हैं। इन तीन वर्षों में करनाल के केवल घोषणाओं और आश्वासनों के अलावा कुछ खास नहीं मिला। हां, बातें और बड़े-बड़े दावे जरूर हुए। तीन साल बीत जाने के बाद भी न तो करनाल एनसीआर में शामिल होने का आज तक नोटिफिकेशन जारी हो सका है और न ही करनाल को एयरपोर्ट मिल सका। रेलवे की बात करें तो एक शताब्दी को छोड़कर कोई शताब्दी गाड़ी नहीं रुकती है, साथ ही आज तक हरिद्वार के लिए भी कोई ट्रेन करनाल से नहीं है। दूसरी ओर खेल और स्वास्थ्य को लेकर भी करनाल में कोई बड़ा प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ पाया है। मेडिकल यूनिवर्सिटी की जमीन की आज तक चारदीवारी तक नहीं हो पाई है।
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26 मई को केंद्र सरकार के तीन साल पूरे होने जा रहे हैं। वैसे करनाल में मेडिकल कालेज का उद्घाटन हो चुका है, बस स्टैंड शिफ्टिंग को लेकर कार्य चल रहा है। हालांकि, केंद्र सरकार की तरफ से करनाल को ऐसा कोई बड़ा तोहफा नहीं मिल पाया है, जिससे करनाल के लोगों को बड़ी सुविधा मिल सके। पिछले कई सालों से करनाल शहर को एनसीआर में शामिल कराने की मांग उठी, हालांकि, सरकार ने इसे शामिल करने का दावा तो किया लेकिन आज तक इसको लेकर नोटिफकेशन जारी नहीं किया जा सका है। इसी प्रकार करनाल हवाई पट्टी के स्थान पर हवाई अड्डा बनाने की मांग उठती रही है, लेकिन करनाल के नेता इस मामले को लेकर कुछ खास नहीं कर पाये। ये स्थिति तो तब है कि जब करनाल से भाजपा के सांसद हैं और करनाल विधानसभा क्षेत्र से खुद सीएम मनोहर लाल हैं।

हरिद्वार के लिए सामान्य ट्रेन नहीं, मेट्रो और रेपिड तो छोड़िए
रेलवे के 125 वर्ष के इतिहास में अब करनाल से हरिद्वार के लिए भी कोई ट्रेन नहीं है। सीएम सिटी में लोगों को हरिद्वार जाने के लिए लोगों को बसों में ही धक्के खाने पड़ते हैं। इंटरनेट यूज करने वाले यह जानते हैं कि सीएम मनोहरलाल ने हरिद्वार की ट्रेन चलाने के लिए केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु को भिवानी से हरिद्वार ट्रेन चलाने के लिए पत्र लिखा था, ट्वीट पर खुद सीएम ने यह जानकारी भी दी थी, लेकिन अभी इस दिशा में काम कोरे कागज की तरह ही है। करनाल में वादों के बावजूद ना रेपिड रेल शुरू हुई और ना ही मेट्रो ट्रेन। करनाल के राजीव कुमार ने कहा कि यह करनाल का दुर्भाग्य है कि प्रदेश और केंद्र में भाजपा सरकार होने के बावजूद आज तक करनाल को वो सब नहीं मिल सका, जिसका वो हकदार है। ख्वाब तो बड़े दिखाये जाते हैं, लेकिन छोटे छोटे कार्य तक पूरी नहीं किये जा रहे हैं।
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 टैक्स ज्यादा, सुविधा कम
हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, जम्मू कश्मीर और चंडीगढ़ के टोटल इन्कम टैक्स 35 हजार करोड़ में 55 फीसदी यानी 19 हजार करोड़ रुपये अकेेले हरियाणा का योगदान है, लेकिन टैक्स ज्यादा देने के बावजूद हरियाणा को लाभ नहीं मिल रहा है? वहीं करनाल भी टैक्स देने में पीछे नहीं है। हमारे पड़ोसी राज्य पंजाब में नई दिल्ली अमृतसर शताब्दी नंबर 12029-31 के पंजाब में 225 किलोमीटर की दूरी पर छह स्टॉपेज हैं जबकि यह ट्रेन हरियाणा में केवल एक जगह अंबाला में ही थमती है।

ये हैं करनाल निवासियों की मांग
1. चंडीगढ़ के स्थान पर हरियाणा की राजधानी करनाल बने।       
2. मेट्रो ट्रेन करनाल तक लाने की पक्की ठोस प्लानिंग हो, फिलहाल मेट्रो ट्रेन दिल्ली से आईओसीएल रिफाइनरी पानीपत तक प्रस्तावित है। इस मेट्रो ट्रेन को पानीपत से आगे बढ़ाकर करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला, चंडीगढ़ तक चलाया जाना बहुत जरूरी है।      
3. रेलवे कोच फैक्टरी की मांग बहुत पुरानी, लोगों ने कांग्रेस सरकार में भी रोजगार के लिए इस फैक्टरी का इंतजार किया और अब जब केंद्र और हरियाणा में भाजपा सरकार है तब भी कर रही है।      
4. हाईकोर्ट बैंच करनाल में बने ताकि हरियाणा के लोगों को न्याय के लिए कहीं ओर ना भागना पड़े।      
5. डोमेस्टिक एयरपोर्ट करनाल के मौजूदा हवाई अड्डे पर रनवे का विस्तार करके कारगो एयरपोर्ट, हैलीपोर्ट बनाया जाए।      
6. आसपास की भूमि एक्वायर करके मौजूदा करनाल हवाई अड्डे को सभी अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस विश्वस्तरीय दर्जे का हवाई अड्डा बनाकर जरूरी विस्तार भी किया जाए।      
7. इंटनरेशल एयरपोर्ट करनाल कुरुक्षेत्र के बीच प्रस्तावित है, करनाल के लोग इसकी इंतजार में हैं।      
8. करनाल को एनसीआर में शामिल किए जाने का नोटिफिकेशन जल्द जारी हो।      
9. भारत के 100 स्मार्ट सिटी लिस्ट में शामिल एवं पहले सर्वश्रेष्ठ टॉप 150 सबसे अधिक जनसंख्या वाले शहरों में करनाल शामिल है। यहां रेपिड रेल, मैट्रो, हायपरलूप मैगलेव आदि जो कि दिल्ली में आईओसीएल रिफाइनरी पानीपत तक प्रस्तावित है उन्हें करनाल तक योजना बनाकर एक्सटेंड किया जाए।      
10. हरियाणा सबसे अधिक इनकम टैक्स देता है, इसलिए करनाल में सभी शताब्दी व ट्रेनों का स्टॉपेज हो।      
11. फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी मधुबन में प्रस्तावित है, उसे बनाया जाए।

मांगों को पूरा करने का प्रयास करेंगे   
इस बारे में करनाल लोकसभा के सांसद अश्वनी कुमार चोपड़ा ने कहा कि वे शुरू से ही करनाल की मांगों को लोकसभा व पार्टी स्तर पर उठाते रहे हैं। सांसद निधि से करोड़ों रुपये के विकास कार्य कराए गए हैं। शताब्दी ट्रेन व एनसीआर नोटिफिकेशन को लेकर वे केंद्र से बात करेंगे। इसके अलावा भी अन्य मांगों को पूरा कराने को लेकर वे प्रयास कर रहे हैं।
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