सड़क हादसे में घायल साइकिल सवार गांव सिरसमा निवासी 14 वर्षीय बच्चे की निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद परिजन व अन्य ग्रामीणों ने अस्पताल के चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर रोष जताया तो वहीं पिपली कुरुक्षेत्र मार्ग भी जाम कर दिया।
जानकारी अनुसार गांव सिरसमा निवासी कमल कुमार गांव में ही साइकिल पर सवार होकर सड़क किनारे जा रहा था कि अचानक ही एक कैंटर ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके पिता धर्मपाल व अन्य परिजन उसे लेकर एलएनजेपी सिविल अस्पताल पहुंचे, जहां उसे पीजीआई रेफर कर दिया गया। लेकिन मृतक के परिजन उस समय भड़क गए जब वे एक निजी अस्पताल में बच्चे को लेकर लेकर गए और वहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
रोष जता रहे धर्मपाल, एससी नितिन भारद्वाज, मंजिंद्र सिंह सहित अन्य परिजनों व ग्रामीणों न आरोप लगाते हुए बताया कि अस्पताल के चिकित्सकों ने उन्हें न तो बच्चे की स्थिति के बारे में समय पर बताया और न ही उसकी मौत की ही समय पर सूचना दी। लेकिन उनसे इलाज के नाम पर 50 हजार रुपये भी ले लिए। उन्होंने कहा कि चिकित्सक समय पर बताते तो वे बच्चे को पीजीआई ले जाते, लेकिन डॉक्टरों की लापरवाही व मनमानी केे चलते बच्चे की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल के बाहर सड़क जाम कर दी और जमकर नारेबाजी की।
सूचना मिलने पर केयूके थाना प्रभारी छोटू राम व पुलिस बल मौके पर पहुंचा और उन्हें समझाया। जिसके उपरांत ही वे शांत हुए और जाम खोला, जिससे राहगीरों ने भी राहत की सांस ली। उधर अस्पताल के न्यूरो सर्जन का कहना है कि बच्चे की हालत बेहद गंभीर थी, जिसे पूरा इलाज दिया गया और उसे बचाने का भरपूर प्रयास किया। परिजनों द्वारा उन पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद है।