अगर कोई व्यक्ति अपने मकान को किराए पर देता है तो उसकी पुलिस वेरिफिकेशन करवानी जरूरी होगी। उनकी जानकारी संबंधित थाने में साथ ही 48 घंटे के अंदर देनी होगी। अगर लोग ऐसा नहीं करेंगे तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कानून के तहत किराएदारों का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराने पर मकान मालिक के खिलाफ भी मामला दर्ज हो सकता है।
पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र भौरिया ने बताया कि अक्सर देखा जाता है कि मकान मालिक अपने मकान को किराए पर देते समय किराएदार की कोई जानकारी संबंधित थाना को नहीं देते। कुछ अपराधिक किस्म के व्यक्ति कहीं अपराध करके फर्जी नाम से किसी दूसरे जिले या राज्य में पुलिस से छिपकर रहने लग जाते हैं। इस तरह के अपराधी पुलिस को चकमा देकर और कानून से बच कर समाज और देश के लिए कोई बड़ा खतरा न बन सकें इसके लिए मकान मालिक सर्वप्रथम खुद को सुरक्षित रखते हुए अपने किराएदारों की पुलिस वेरिफिकेशन करवा लें । मकान मालिक द्वारा पुलिस वेरिफिकेशन करवाने से मकान मालिक भी सुरक्षित रहेंगे और पुलिस को भी बहुत सारे अपराधी किस्म के आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजने में मदद मिलेगी ।
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थाना प्रभारियों को दिए जांच के आदेश
एसपी ने बताया कि नौकर एवं किराएदार का वेरिफिकेशन नहीं कराए जाने पर मकान मालिक को छह माह की सजा भी प्रावधान है। कोई वारदात होने के बाद पुलिस पहुंचे, बेहतर है कि पहले ही नौकरों और किराएदारों का पुलिस वेरिफिकेशन करा लेना चाहिए। कानूनी प्रावधान होने के बावजूद भी वेरिफिकेशन नहीं कराने वालों के खिलाफ पुलिस मामले दर्ज करेगी। किरायेदारों की पुलिस वेरिफिकेशन कराने में मकान मालिक को भी रुचि लेनी चाहिए। इसकी सख्ती से पालन के लिए थाना प्रभारियों को आदेश दिए गए हैं। कानूनी प्रावधान होने के बावजूद वेरिफिकेशन नहीं कराने वालों के खिलाफ पुलिस कानूनी कार्रवाई करेगी ।