संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। सन्निहित सरोवर के समीप जमीन को लेकर जगद्गुरु ब्रह्मानंद आश्रम और कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड (केडीबी) के बीच विवाद हो गया। केडीबी अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर काम रुकवा दिया। वहीं आश्रम की ओर से दावा किया गया कि यहां कोई काम किया नहीं जा रहा था और यह जमीन केडीबी की है ही नहीं।
बताया जा रहा है कि आश्रम के साथ लगती जमीन पर करीब एक साल से हवन आदि किया जाता रहा है, जहां कुछ समय पहले मिट्टी भी भरवाई गई। अचानक मंगलवार को केडीबी के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा, सीईओ एवं एडीसी अखिल पिलानी मौके पर पहुंचे तो उन्होंने काम रूकवाया। केडीबी मानद सचिव छाबड़ा ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि इस जमीन पर अवैध तौर पर निर्माण किया जाने लगा है। मौके पर पहुंचे तो उस समय भी काम चल रहा था, जिसे रुकवाया गया तो आगे भी काम न किए जाने को लेकर सीईओ की ओर से कहा गया है।
उधर, आश्रम की संचालक देवी मैत्रेय आनंद का कहना है कि इस जमीन पर हवन ही किया जा रहा था, इसमें कोई परेशानी न हो, इसके लिए मिट्टी भरवाई गई थी। कोई निर्माण कार्य नहीं चल रहा था। केडीबी के अधिकारियों से इस जमीन को लेकर कई बार बातचीत भी की जा चुकी है। उधर केडीबी मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा का कहना है कि यह जमीन केडीबी की है और इस तरह से अवैध तौर पर यहां निर्माण नहीं करने दिया जाएगा।