लाडवा। जन चेतना पार्टी के हलका प्रभारी धर्मराज अंसल और लाडवा हलका प्रभारी गुरजीत सिंह धनौरा ने संयुक्त बयान में कहा कि लोकतंत्र में सरकार की गलत नीतियों का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करना हर व्यक्ति का हक है।
धर्मराज अंसल और गुरजीत सिंह धनौरा पार्टी पदाधिकारी मनजीत सिंह जैनपुर ने सोमवार को मुख्यमंत्री और कांग्रेस पार्टी की गलत नीतियों के विरुद्ध स्वरूप लाडवा में उन्हें काले झंडे दिखाए जाने के आरोप में गिरफ्तारी के बाद जमानत पर रिहा होने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि वह हुड्डा सरकार के नौकरियों और विकास कार्यों में भेदभाव और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग में इंटरव्यू के नाम पर धांधलेबाजी का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर रहे थे और मुख्यमंत्री के लाडवा रैली में शामिल होने जाते समय उनके काफिले को काले झंडे दिखाकर विरोध किया था और उसके बाद वह अपनी पार्टी के कार्यालय में बैठे चाय पी रहे थे कि आकर पुलिस ने दंगा भड़काने की धाराओं के तहत उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
मंगलवार को पुलिस ने सब-तहसील में पेश किया जहां उन्हें नायब तहसीलदार लवजीत सिंह विर्क ने जमानत पर रिहा कर दिया। तीनों नेताओं की रिहाई से पूर्व सैकड़ों की संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने मंगलवार सुबह लाडवा थाने का घेराव कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इस अवसर पर प्रदेश महासचिव नरेश सहगल, प्रवक्ता जसबीर भट्ट, सीमा राम गुहला-चीका, रामकरण शर्मा इंद्री, संजीव शर्मा सढ़ौरा, नरेश कांबोज कलरी जागीर, सुनील खेड़ा, गुरप्रीत सिंह अंबाला, रविंद्र, तेजपाल, जगदीश, सुनील, रवि, राहुल, जस्सी, अशोक, शुभम आदि सैकड़ों की संख्या में मौजूद रहे।