शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी श्री अमृतसर के अध्यक्ष जत्थेदार अवतार सिंह मक्कड़ ने कहा कि पं. नेहरू-मास्टर तारा सिंह पैक्ट के अनुसार सिखों के धार्मिक मामलों में कोई भी सरकार दखल नहीं कर सकती।
इसके बावजूद प्रदेश की हुड्डा सरकार सिख धर्म में सीधी दखल करके भाई को भाई से अलग करने के प्रयास में जुटी है। उन्होंने कहा कि देश में हिंदू, मुसलमान, इसाई, जैन व अन्य धर्म भी हैं।
क्या कांग्रेस सरकार और किसी धर्म में दखल करती है। उन्होंने कहा कि आजादी से आज तक कांग्रेस ने सिखों को दोफाड़ करने का प्रयास किया है।
वे शुक्रवार को ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब पातशाही 6वीं कुरुक्षेत्र में पत्रकारों से रूबरू हो रहे थे। उनके साथ शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी श्रीअमृतसर के वरिष्ठ उपप्रधान रघुजीत सिंह, शिरोमणि अकाली दल के हरियाणा प्रभारी व राज्यसभा सदस्य बलविंदर सिंह भूंदड़, एसजीपीसी मेंबर हरभजन सिंह मसाना व बलदेव सिंह कायमपुरी, पूर्व सदस्य बीबी करतार कौर, शिरोमणि अकाली दल हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष शरणजीत सिंह सौथा, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष जोगिंदर सिंह अहरवां, वरिष्ठ उपप्रधान तजिंदर पाल सिंह, संत बाबा सुरिंदर सिंह महाराज (मंडोखरा साहिब वाले) भी थे।
जत्थेदार ने कहा कि एसजीपीसी कई कुर्बानियों के बाद 1925 में बनी थी। ननकाना साहिब के आजाद होने पर जवाहर लाल नेहरू और महात्मा गांधी ने इसे आजादी की पहली जीत करार दिया था। उन्होंने प्रदेश के सिखों से अपील की है कि 6 जुलाई को कैथल में हो रहे सम्मेलन का बहिष्कार करें।
पीड़ितों की मद्द को तत्पर रहती है कमेटी
रघुजीत सिंह विर्क ने कहा कि कुरुक्षेत्र के उपमंडल पिहोवा के गांव कराह साहिब में प्रदेश सरकार द्वारा उजाडे़ पट्टेदारों के 117 परिवारों को पिछले एक साल से नियमित रूप से राशन दिया जा रहा है।
उनके लिए पेयजल और बिजली की व्यवस्था की गई है। इतना ही नहीं, पिछले दिनों एसजीपीसी के अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ ने उन्हें 21 लाख रुपये की सहायता राशि के चेक भी वितरित किए।
रघुजीत सिंह ने कहा कि यह गांव हरियाणा के वित्तमंत्री हरमोहिंदर सिंह चट्ठा के विधानसभा क्षेत्र में आता है और उन्होंने इन हलका वासियों के उत्थान के लिए आज तक कोई कदम नहीं उठाया।
रघुजीत सिंह ने कहा कि प्रदेश में अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की मांग कर रहे कथित सिख नेता यह कहते हैं कि वे श्रीअकाल तख्त साहिब को सर्वोच्च मानते हैं लेकिन दूसरी तरफ हरियाणा के सिखों को दोफाड़ करने के लिए अलग कमेटी की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह लोग अपने स्वार्थ की पूर्ति के लिए कांग्रेस के हाथों में खिलौना बने हैं। हरियाणा की सिख संगत की भलाई और भविष्य से इन्हें कोई सरोकार नहीं है।