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Kurukshetra News: वेलकम हरियाणा गीत और लूर नृत्य से हुआ कुवि के रत्नावली महोत्सव का आगाज

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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में कला और संस्कृति के अद्भुत संगम रत्नावली महोत्सव का शुक्रवार को शुभारंभ हुआ, जिसका आगाज वेलकम हरियाणा गीत और लूर नृत्य के साथ हुआ। महोत्सव का उद्घाटन शुक्रवार को मुख्य अतिथि राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र (एनआईटी) के निदेशक प्रो. बीवी रमन्ना रेड्डी द्वारा किया गया। विशिष्ट अतिथि कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल व राष्ट्रपति अवार्डी प्रेम देहाती रहे। पानीपत की छात्रा हिती ने वेलकम हरियाणा गीत व एसडी कॉलेज पानीपत की छात्राओं द्वारा पारंपरिक लोक नृत्य लूर की प्रस्तुति दी।
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रत्नावली महोत्सव में मुख्यातिथि प्रो. रमन्ना रेडी, उनकी धर्मपत्नी कविता रेड्डी, पुत्री मानसा रेड्डी व अन्य अतिथियों का कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा व उनकी धर्मपत्नी ममता सचदेवा तथा कुलसचिव प्रो. संजीव शर्मा सहित अन्य अधिकारियों ने ढोल नगाड़ो व हरियाणवी लोकधुनों के बीच स्वागत किया। मुख्य अतिथि ने कहा कि हरियाणवी संस्कृति के संरक्षण व युवाओं को व्यवसाय से जोड़ने में कुवि का रत्नावली महोत्सव बहुत बड़ी भूमिका निभा रहा है। इस महाकुंभ में जहां युवा पीढ़ी अपनी धरोहर व संस्कृति से रूबरू हो रही है तो वहीं युवा अपने स्वयं के उत्पादों को क्राफ्ट मेले में प्रदर्शित कर स्वावलंबी भारत का सपना भी साकार कर रहे हैं।

कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि रत्नावली महोत्सव 1985 में आठ विधाओं के साथ शुरू हुआ था और यह यात्रा अब 34 विधाओं तक पहुंच गई है। रत्नावली हरियाणवी संस्कृति को देश-विदेश में समृद्ध करने के साथ एक नई पहचान भी दिला रहा है। रत्नावली महोत्सव ने गजल गायक जगजीत सिंह, प्रसिद्ध कलाकार यशपाल शर्मा, मेघना मलिक सहित अन्य बड़े कलाकार दिए हैं। विशिष्ट अतिथि राष्ट्रपति अवार्डी प्रेम देहाती ने चार दिन की चमक चांदनी, कर ले जो करना, फेर बुढ़ापा होये होये, फेर बुढ़ापा बैरी आवेगो प्रसिद्ध लोकगीत गाकर दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी।
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उन्होंने कहा कि हरियाणवी संस्कृति के उत्थान व संरक्षण में विश्वविद्यालय बेहतरीन कार्य कर रहा है। उन्होंने अपने लोकगीत के माध्यम से दर्शकों का मन मोह लिया। वहीं युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक प्रो. विवेक चावला ने रत्नावली महोत्सव की रूपरेखा प्रस्तुत की। कुवि सांस्कृतिक परिषद के अध्यक्ष डॉ. जगदीश गुप्ता ने कहा कि रत्नावली युवाओं के लिए ऐसा मंच है, आगे बढ़ने का मौका मिलता है।


एनआईटी निदेशक ने गाया आ चल के तुझे, मैं ले के चलूं...गीत
महोत्सव को उस चार चांद लग गए जब मुख्यातिथि एनआईटी निदेशक प्रो. बीवी रमन्ना रेड्डी ने प्रसिद्ध गीत आ चल के तुझे, मैं ले के चलूं एक ऐसे गगन के तले, जहां गम भी न हो, आंसू भी न हो, बस प्यार ही प्यार पले... गाकर युवाओं में संदेश के साथ जोश भरने का काम किया। उन्होंने कहा कि यह उत्सव गाने बजाने का है, वह भी सांस्कृतिक के महाकुंभ में गीत गुनगुनाने पर मजबूर हो गए। वहीं लोक कलाकारों के साथ उनकी धर्मपत्नी और पुत्री ने भी नृत्य किया।
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