करीब एक दशक बाद विभिन्न विभागों एवं संस्थानों में रिक्त पड़े शिक्षकों के पदों को भरने के लिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय प्रशासन ने अहम कदम उठाया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने 28 विभागों के रिक्त पड़े सहायक प्रोफेसर के 82 पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं। इनमें 77 सहायक प्रोफेसर (बजटिड) व पांच सहायक प्रोफेसर विधि विषय में (एसएफएस) के शामिल हैं।
बॉटनी विभाग में दो, कॉमर्स विभाग में तीन, कंप्यूटर साइंस एंड एप्लीकेशन में दो, दूरवर्ती शिक्षा निदेशालय में दो, अर्थशास्त्र में एक, शिक्षा विभाग में सात, इलेक्ट्रॉनिक्स साइंस में दो, अंग्रेजी विभाग में एक, विदेशी भाषा विभाग में दो, हिंदी में एक, गृह विज्ञान में एक, इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटेड एंड ऑनर्स स्टडीज (आईआईएचएस) में 13, विधि विभाग में पांच, माइक्रोबायोलॉजी में एक, पंजाबी में तीन, दर्शनशास्त्र में एक, शारीरिक शिक्षा विभाग में तीन, फिजिक्स में एक, राजनीति विज्ञान में तीन, लोक प्रशासन में दो, संस्कृत एवं इंडोलॉजिकल स्टडीज में दो, संस्कृत में तीन, पाली एवं प्राकृत विभाग में एक, सोशल वर्क में एक, यूनिवर्सिटी ऑफ स्कूल मैनेजमेंट में दो सहित सांख्यिकी विभाग, इंस्टीट्यूट ऑफ टीचर ट्रेनिंग एंड रिसर्च तथा विधि संस्थान के रिक्त कुल 82 पदों पर आवेदन मांगे गए हैं।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (कुटा) के प्रधान डॉ. विवेक गौड़ का कहना है कि कुटा पिछले पांच सालों से लगातार विश्वविद्यालय के कुलपति के माध्यम से सरकार के नाम ज्ञापन सौंपकर भर्ती कराने की मांग करता रहा है। लंबे समय बाद विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पड़े पदों पर भर्ती होने जा रही है। विवि. प्रशासन ने यह सराहनीय कदम उठाया है। विश्वविद्यालय में शिक्षकों की संख्या पूरी होने के बाद शिक्षा और शोध की गुणवत्ता बढ़ेगी।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि इसी साल विश्वविद्यालय को ग्रेड के लिए नैक द्वारा मूल्यांकन किया जाना है। विवि. प्रशासन का प्रयास है कि नैक के मूल्यांकन से पहले विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर के रिक्त पदों पर भर्ती हो और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय को नेशनल असेसमेंट एंड एक्रिडिएशन काउंसिल (नैक) की ए++ ग्रेड मिले। विश्वविद्यालय द्वारा पूरी भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से कराई जाएगी।