सोमवार 31 जुलाई शाम छह बजे भारतीय सेना के जवान को सेवानिवृत्त होना था, मगर एक दिन पहले ही इस जवान का निधन हो गया। सोमवार सुबह उनके पैतृक गांव इस्हाक(कुरुक्षेत्र) में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उसके बेटे विनय कुमार (20) ने मुखाग्नि दी।
दरअसल, 269 इंजीनियर (ईएनजीईआर) रेजिमेंट के हवलदार कृष्ण कुमार (42) को ब्रेन ट्यूमर था, जिस कारण उनका पूना महाराष्ट्र के सेना अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया। उनके निधन की सूचना से उनके गांव में शोक की लहर दौड़ गई। कृष्ण कुमार करीब सात महीने से अस्पताल में भर्ती थी।
विनय कुमार ने बताया कि उनके पिता 20 जनवरी 2004 को भारतीय सेना भर्ती हुए थे। वे इंजीनियर रेजिमेंट में बतौर हवलदार तैनात थे। महाराष्ट्र के पूना में उनकी ड्यूटी थी। वे करीब सात महीने से ब्रेन ट्यूमर की बीमारी से लड़ रहे थे। इसी वजह से उनको सेना के अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती किया गया था, मगर कुछ दिन पहले ही चिकित्सकों ने जवाब दे दिया था।
रविवार को अचानक उनका अस्पताल में निधन हो गया था। उनकी सेवानिवृत्त होने वाली तारीख की सुबह उनका पार्थिव शरीर गांव इस्हाक पहुंचा, जहां प्रशासन, सेना की टुकड़ी और ग्रामीणों ने उनको अंतिम विदाई दी। 31 जुलाई शाम छह बजे उसके पिता को सेना से सेवानिवृत्त होना था, मगर बीमारी के कारण एक दिन पहले ही उनकी मृत्यु हो गई। उनके निधन से गांव इस्हाक में मातम पसरा हुआ है।
अधिवक्ता बनाना चाहता है विनय
कृष्ण कुमार अपने पीछे एक बेटे विनय और पत्नी रेखा को छोड़ गए हैं। उनका बेटा विनय हाल ही में बीकॉम विषय से पास हुआ है। विनय एलएलबी की पढ़ाई करके अधिवक्ता बनना चाहता है। वहीं विनय की माता रेखा एक गृहणी हैं। अब घर का पूरा दारोमदार विनय के कंधे पर है।