जिले में डेंगू, मलेरिया ही नहीं तेज बुखार ने भी लोगों की जान पर आफत कर दी है। हालात ये हैं कि शहर के सरकारी ही नहीं निजी अस्पतालों में भी लगातार भीड़ बढ़ती जा रही है।
डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़कर 35 पर पहुंच गई है, वहीं, मलेरिया ने भी पांव पूरी तरह पसार लिए हैं। जिले में फिलहाल मलेरिया के 185 केस सामने आ चुके हैं।
तेज बुखार के मरीजों के कारण हालात ये हैं कि अस्पताल में एक ही बेड पर तीन तीन मरीजों को दाखिल किया हुआ है। मेडिकल वार्ड ही नहीं अस्पताल के अन्य वार्डों में भी कमोबेश बुखार के ही मरीजों को दाखिल करना पड़ रहा है।
हालात ऐसे हैं कि जिस फ्लोर की क्षमता महज 30 बेड रखने की है, वहां 67 बेड लगाए हुए हैं। डेंगू के लिए एक नहीं दो आइसोलेशन वार्ड बनाए हैं, लेकिन उनकी हालत भी खस्ता ही लग रही है। अस्पताल में रोजाना ओपीडी में 10 से 15 प्रतिशत मरीज तो केवल तेज बुखार के ही आ रहे हैं।
कुछ ऐसा नजारा है अस्पताल का ...
सिविल अस्पताल में पर्ची बनवाने से लेकर चिकित्सक तक पहुंचने में पूरी मारामारी मच रही है। अस्पताल के फिजिशियनों के पास मरीजों की भारी भीड़ है।
इनमें भी अधिकतर मरीज तेज बुखार से पीड़ित ही आ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि मरीजों को पहले चिकित्सकों से मिलने के लिए कई-कई घंटों तक इंतजार करना पड़ रहा है, जब उनका नंबर आता है तो टेस्ट करवाने के लिए मरीजों को अगले दिन का इंतजार करना पड़ता है।
अस्पताल में दूसरे फ्लोर पर मेडिकल वार्ड, जनरल वार्ड, आइसोलेशन वार्ड, साइको वार्ड, ईएनटी वार्ड और अन्य वार्ड हैं। इसी फ्लोर पर मरीजों की हालात काफी खराब हैं।
हाल ये है कि मेडिकल वार्ड में दाखिल कुल 67 मरीजों में से अकेले 27 मरीज तो तेज बुखार के ही दाखिल हैं। इस वार्ड में हालात ये हैं कि मरीजों को दाखिल करने के लिए यहां की कैपेसिटी केवल 30 बेड की है, लेकिन इस पूरे फ्लोर में अलग अलग वार्डों में 50 बेड लगाए हैं।
इनमें चार बेड तो दो डेंगू के आइसोलेशन वार्ड में हैं। जबकि अन्य बेड विभिन्न वार्डों में स्थापित किए हैं।
अस्पताल में डेंगू के कुल 9 मरीज : डॉ. पवन
बीएस हार्ट केयर एंड मल्टी स्पेशलिएटी अस्पताल के डॉ. पवन बंसल ने बताया कि अस्पताल में डेंगू के कुल 9 मरीज है।
इन मरीजों में से स्वास्थ्य विभाग ने भी 4 मरीजों को पॉजीटिव की पुष्टि कर दी है और 5 मरीजों की रिपोर्ट अभी आना बाकी है।
आरोग्यम अस्पताल के संचालक डॉ. अनुराग कौशल का कहना है कि इन दिनों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
डेंगू वार्ड में 4 मरीज दाखिल
एलएनजेपी अस्पताल के डेंगू वार्ड में 4 मरीज दाखिल हैं। इनमें से दो मरीजों में डेंगू पॉजीटिव आया है और दो मरीजों की अभी पुष्टि होनी है।
मरीजों और उनके परिजनों ने बताया कि डॉक्टर तो समय-समय पर आकर चेक कर रहे है, लेकिन वार्डों में सफाई के नाम पर कुछ नहीं है और शौचालयों में पानी तक नहीं आ रहा। इतना ही नहीं वार्डो में पीने का पानी तक नहीं मिल रहा है।
मरीज ईलम चंद ने बताया कि पिछले तीन दिनों से अस्पताल में पानी नहीं आ रहा जिसके चलते मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा।
मामचंद्र ने बताया कि मेरी बेटी कई दिनों से अस्पताल में दाखिल है। पिछले कई दिनों से पानी न आने से पीने का पानी घर से लाना पड़ रहा है। यह फिर दुकानों से खरीदाना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा समस्या तो शौचालयों में पानी न आने से हो रही है।
मरीज बबली ने बताया कि पिछले तीन दिनों से अस्पताल में पानी के नाम पर कुछ नहीं है। जिसके चलते सभी मरीजों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि मैं अस्पताल में अकेली हूं मेरे पति विकलांग हैं, वो अस्पताल में नहीं आ सकते और मैं भी विकलांग हूं।
स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक डेंगू के 96 लोगों के संभावित मरीजों के टेस्ट किए गए हैं, जिनमें से 32 केस पॉजीटिव हैं और 30 मरीजों की रिपोर्ट अभी आना बाकी है। जिले में मलेरिया के अभी तक 186 केस पॉजीटिव मिले हैं और 2 केस जापानी बुखार के भी मिले हैं।
एलएनजेपी अस्पताल में दाखिल बुखार के केस
आपातकालीन विभाग 05 केस
सीसीयू 08 केस
महिला वार्ड 27 केस
पुरुष वार्ड 05 केस
फिलहाल कुछ टेस्ट की रिपोर्ट आना बाकी है। डेंगू के लारवा पर अंकुश लगाने के लिए मलेरिया विभाग की टीमें लगातार काम कर रही हैं। सिविल अस्पताल में फिलहाल स्थान की कमी है। इसलिए मरीजों को इस तरह से दाखिल किया जा रहा है। वहीं, पानी सप्लाई के लिए दो-दो मोटरें लगी हैं। लेकिन यदि ऐसा कुछ परेशानी आएगी तो अवश्य देखा जाएगा। डेंगू, जापानी बुखार और मलेरिया पर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सजग है।
डॉ. केके शर्मा, कार्यवाहक सिविल सर्जन, कुरुक्षेत्र।