कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय गैर शिक्षक कर्मचारी संघ (कुंटिया) में विवाद लगातार बढ़ रहा है। पूर्व प्रधान राजवंत कौर द्वारा रिक्त पदों पर की गई नई नियुक्तियों पर आपत्ति जताई गई है। नीलकंठ शर्मा गुट ने इन नियुक्तियों को असंवैधानिक करार दिया है।
गुट का दावा है कि आम सभा पहले ही पुरानी कार्यकारिणी को भंग कर नई कार्यकारिणी का गठन कर चुकी है। ऐसे में राजवंत कौर को किसी भी पद पर नियुक्ति करने का अधिकार नहीं है। नीलकंठ शर्मा ने शनिवार को बयान जारी कर यह बात कही। उन्होंने बताया कि तीन जून को सर्व कर्मचारी संघ की अध्यक्षता में नई कार्यकारिणी का गठन सर्वसम्मति से हुआ था। राजवंत कौर द्वारा महासचिव, सह सचिव और प्रेस सचिव के पदों पर नियुक्तियां करना संविधान के विरुद्ध है। नीलकंठ शर्मा ने आरोप लगाया कि राजवंत कौर केवल पद पर अपना दावा बनाए रखने की कोशिश कर रही हैं। कार्यकारिणी में बदलाव का अधिकार केवल आम सभा को है।
प्रशासन पर आरोप और अन्य आपत्तियां
महासचिव वकील चंद रंगा ने भी राजवंत कौर की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अतीत में भी उनके कारण संगठन में विभाजन की स्थिति बनी थी। नीलकंठ शर्मा ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर एक पक्ष को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विवाद और बढ़ता है तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। कुंटिया के पूर्व प्रधान राम कुमार गुज्जर ने भी इन नियुक्तियों को संविधान के विपरीत बताया। उन्होंने कहा कि महज 20 कर्मचारियों की मौजूदगी में ऐसे महत्वपूर्ण फैसले नहीं लिए जा सकते।