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विश्व पर्यावरण दिवस: केयूके को देहरादून में किया जाएगा सम्मानित, साल 2010 में भी मिला था ग्रीन कैंपस अवॉर्ड

Wed, 04 Jun 2025 10:08 PM IST
शाहिल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र

सार

वर्ष 2010 में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय को ग्रीन कैंपस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। इस बार भी केयूके को देहरादून में सम्मानित किया जाएगा। डिटेल में पढ़ें खबर...
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कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में जो कार्य किए हैं, वे न केवल सराहनीय हैं, बल्कि अन्य शिक्षण संस्थानों के लिए प्रेरणा भी हैं। विश्व पर्यावरण दिवस पर जब पूरा देश इसके प्रति जागरूकता का संदेश दे रहा है, तब कुवि अपने ठोस कार्यों से पर्यावरण सरंक्षण की दिशा में उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। विश्वविद्यालय में प्रवेश करते ही सुखद अनुभव होता है।
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विश्वविद्यालय को मिल चुका है ग्रीन कैंपस अवॉर्ड 

वर्ष 2010 में विश्वविद्यालय को ग्रीन कैंपस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था और अब विवि पर्यावरण चैंपियन अवॉर्ड-2025 के लिए चयनित हो चुका है। यह सम्मान देहरादून में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय कार्यक्रम में दिया जाएगा। विश्वविद्यालय ने पर्यावरण संरक्षण के लिए कई अभिनव योजनाएं शुरू की हैं। परिसर में वर्तमान में रेन वाटर हारवेंस्टिंग के 10 प्लांट सक्रिय हैं और 22 नए प्लांट तैयार किए जा रहे हैं। दयालपुर गांव स्थित विवि की भूमि पर 2.4 एमएलडी क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया गया है, जिससे जल शुद्धिकरण में मदद मिल रही है। इससे किसान खेती कर रहे हैं।

इसी के साथ विश्वविद्यालय में 1600 किलोवाट की क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र लगाया गया है, जिससे ऊर्जा की बचत हो रही है और कार्बन फुटप्रिंट में कमी आ रही है। विवि के हार्टिकल्चर और बॉटनी विभाग द्वारा केंचुआ खाद उत्पादन और जैव ईंधन पर अनुसंधान का कार्य किया जा रहा है। कुवि में इको क्लब की स्थापना की गई है, जो छात्रों को पर्यावरण जागरूकता से जोड़ने का निरंतर कार्य कर रहा है। क्लब द्वारा समय-समय पर स्वच्छता अभियान, पर्यावरण जागरूकता रैली, वृक्षारोपण, वेस्ट मैनेजमेंट वर्कशॉप जैसी गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। इसमें एनसीसी और एनएसएस कैडेट्स की अहम भूमिका रहती है।
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कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कैंपस का नजारा - फोटो : अमर उजाला
केयूके के हर छात्र का योगदान

विश्वविद्यालय की 126वीं अकादमिक परिषद की बैठक में 2024 में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया था कि डिग्री प्राप्त करने से पहले छात्रों के लिए पौधा लगा उसका रखरखाव करना अनिवार्य होगा। केयूके और इसके संबधित कॉलेजों से हर साल लगभग 75 हजार छात्र विभिन्न कोर्सेज में उत्तीर्ण होते हैं। ऐसे में हर वर्ष 75 हजार नए पौधे धरती की हरियाली में योगदान देंगे। युवाओं को पर्यावरण संरक्षण के साथ जोड़ने के लिए अहम कदम उठाया गया है। इस मुहिम की शुरुआत मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विवि में पौधारोपण कर गत वर्ष की थी। पहले ही दिन विवि परिसर में 3000 पौधे रोपित किए गए थे।

वन्य जीवों और जैव विविधता का संरक्षण

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का करीब 475 एकड़ में फैला परिसर न केवल शैक्षणिक दृष्टि से समृद्ध है, बल्कि प्रकृति की गोद में बसा हुआ है। 40 एकड़ का वन्यजीव संरक्षित क्षेत्र विश्वविद्यालय का गौरव है, जहां किसी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं किया जाता। यहां करीब 110 पक्षियों की प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें कई प्रवासी पक्षी भी शामिल हैं। वन्य जीव प्राणी विभाग इस जैव विविधता के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

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जीरो वेस्ट कैंपस बनाने का है लक्ष्य 

कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा का कहना है कि विश्वविद्यालय को जीरो वेस्ट कैंपस बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए सेनिटेशन, हार्टिकल्चर, बॉटनी और एनवायरमेंटल स्टडीज संस्थानों के समन्वय से कार्य किया जा रहा है। उनका मानना है कि कुवि जैसा सुंदर, स्वच्छ और हरित कैंपस देश-विदेश में अद्वितीय है। उनकी योजना है कि कैंपस से कोई भी वेस्ट बाहर न जाए, उसे रिसाइकल और रियूज के माध्यम से फिर से उपयोग में लाया जाए। विश्वविद्यालय सतत विकास की दिशा में अग्रसर है।
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