कुरुक्षेत्र में नगर परिषद की शुक्रवार को हुई दूसरी बैठक न केवल हंगामे की भेंट चढ़ गई बल्कि अखाड़ा बन गई। कांग्रेस विधायक और सत्ता पक्ष के कुछ पार्षदों के बीच प्रतिनिधियों के बैठक में मौजूद होने पर शुरू हुई बहस गाली-गलौज और फिर हाथापाई तक पहुंच गई।
कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा और भाजपा पार्षदों में शुक्रवार को नगर परिषद की बैठक में हाथापाई हो गई। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को बुलाना पड़ा। पुलिस ने दोनों पक्षों को किसी तरह अलग किया। विधायक ने इसे जानलेवा हमला बताते हुए एसपी से शिकायत की है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की महिला पार्षदों के साथ आए प्रतिनिधियों ने उनके साथ हाथापाई की। वहीं, नगर परिषद की अध्यक्ष माफी ढांडा के पति मलकीत ढांडा ने आरोप लगाया कि विधायक के साथ आए उनके एक समर्थक ने हंगामे के दौरान भाजपा पार्षदों पर पिस्तौल तानी, कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में विवाद विधायक के पहुंचने के बाद शुरू हुआ। भाजपा के पार्षदों ने उनके आने का जबरदस्त विरोध किया। मौके पर मौजूद पार्षदों ने बताया कि बैठक का मुख्य एजेंडा फाइनेंस कमेटी बनाए जाने का था। दोपहर तीन बजे बैठक शुरू होने से पहले ही विधायक अशोक अरोड़ा अपने समर्थकों के साथ पहुंच गए।
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उन्होंने आते ही पूछा, महिला पार्षदों के साथ प्रतिनिधि क्यों आए हैं? इस पर पार्षदों ने जवाब दिया, आपको तो बुलाया ही नहीं गया, आप कैसे आ गए। इसी बात पर हंगामा शुरू हो गया और भाजपा व कांग्रेस के पार्षदों में टकराव हुआ। टकराव के बीच विधायक से भी हाथापाई की गई।
हमला साजिश के तहत किया गया: अरोड़ा
इसके बाद नगर परिषद अध्यक्ष माफी ढांडा ने बैठक को स्थगित कर दिया। बैठक के बाद विधायक अशोक अरोड़ा ने कहा कि हमला साजिश के तहत किया गया। उन्हें बचाने के लिए आए उनके सुरक्षाकर्मी पर भी हमला किया गया।
अगर शिकायत पर तीन दिन में कार्रवाई नहीं की गई तो आगे की रणनीति बनाई जाएगी। पार्टी हाईकमान को जानकारी दे दी गई। मुख्यमंत्री को भी हमले के बारे में बताया जाएगा।
अध्यक्ष के पति मलकीत ढांडा ने कहा कि विधायक अशोक अरोड़ा योजना बनाकर आए थे। वे जानबूझकर अपने साथ गलत लोगों को लेकर आए थे। उनके साथ आए एक व्यक्ति ने पार्षदों पर पिस्तौल तानी। यह व्यवहार बेहद निंदनीय है।
निंदी बोले, विधायक मुझ पर हमला करने आए
पार्षद प्रतिनिधि एवं भाजपा नेता नरेंद्र शर्मा निंदी का कहना है कि उनकी पत्नी पार्षद हैं और वे बैठक में गए हुए थे। पहली बार नहीं बल्कि 20 वर्षों से प्रतिनिधि बैठकों में बैठते रहे हैं। आज पहला मौका था जब इस तरह से विरोध किया गया और विधायक मुझ पर हमला करने आ गए। मैंने हाथापाई नहीं की बल्कि अपना बचाव किया। उन्होंने कहा कि उन्हें विधायक के सुरक्षाकर्मी ने धमकी भी दी। विधायक के साथ वे लंबे समय तक रहे और एक साथ काम भी किया लेकिन पिछले दिनों वे उन्हें छोड़ भाजपा में आ गए थे, शायद यही सहन नहीं हुआ।
बैठक के बाद विधायक अशोक अरोड़ा ने कहा कि हमला साजिश के तहत किया गया। उन्हें बचाने के लिए आए उनके सुरक्षाकर्मी पर भी हमला किया गया। अगर शिकायत पर तीन दिन में कार्रवाई नहीं की गई तो आगे की रणनीति बनाई जाएगी। पार्टी हाईकमान को जानकारी दे दी गई। मुख्यमंत्री को भी हमले के बारे में बताया जाएगा।
अध्यक्ष के पति मलकीत ढांडा ने कहा कि विधायक अशोक अरोड़ा योजना बनाकर आए थे। वे जानबूझकर अपने साथ गलत लोगों को लेकर आए थे। उनके साथ आए एक व्यक्ति ने पार्षदों पर पिस्तौल तानी। यह व्यवहार बेहद निंदनीय है।