कुरुक्षेत्र। दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र की ओर से शुरू किए गए वर्चुअल इंटर्नशिप प्रोग्राम पोर्टल (वीआईपी) से एनईपी 2020-अनुरूप इंटर्नशिप कार्यक्रम का उद्देश्य वास्तविक कौशल के साथ शिक्षार्थियों को सशक्त व आत्मनिर्भर बनाना है। वर्चुअल इंटर्नशिप प्रोग्राम पोर्टल से कुवि ने आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाया है। अर्थव्यवस्था के विकास के लिए नवाचार बहुत जरूरी है। इंटर्नशिप के माध्यम से छात्रों का कौशल विकास होगा।
यह विचार कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने बुधवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र की ओर से आयोजित यूजी-पीजी छात्रों की इंटर्नशिप और छात्रों एवं शिक्षकों के लिए मूल्य वर्धित पाठ्यक्रमों के लिए वर्चुअल इंटर्नशिप पोर्टल का शुभारंभ करने के दौरान व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि हर वर्ष लगभग 72 से 75 हजार विद्यार्थी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से शिक्षा ग्रहण करते हैं तो सभी को इंटर्नशिप करवाना भी अपने आप में एक चुनौती है। इसके लिए हमें इंटर्नशिप का महत्व समझना होगा। हमें समय के साथ खुद का अपडेट करना है वरना हम पीछे रह जाएंगे।
आने वाले समय के अंदर अप्रेंटिसशिप एमबेडेड प्रोग्राम भी शुरू किए जाएंगे। रोजगार दो प्रतिशत सरकारी क्षेत्र से आता है। छह से सात प्रतिशत कॉरपोरेट क्षेत्र से आता है। 60 प्रतिशत रोजगार स्वरोजगार के माध्यम से आता है। इन सभी समस्याओं को दूर करने के लिए कौशल विकास, संस्कार विकसित करने की आवश्यकता है जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में निहित है।
दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र की निदेशक प्रो. मंजुला चौधरी ने बताया कि दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र यूजी-पीजी छात्रों की इंटर्नशिप के लिए 172 लघु परियोजना आधारित पाठ्यक्रम तथा एनईपी 2020 के अनुसार छात्रों एवं शिक्षकों के लिए मूल्य वर्धित पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना बना रहा है। ओपन डिस्टेंस लर्निंग प्रोग्राम्स व ऑनलाइन प्रोग्राम्स में विद्यार्थियों की संख्या प्रति वर्ष बढ़ती ही जा रही है और यह उन अभ्यार्थियों के लिए सुनहरा अवसर है जो कि विदेशों, देश के दूसरे राज्यों, शहरों व गांवों में रहते हैं अथवा नौकरी व व्यवसाय में संलग्न है। इस मौके पर डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. दिनेश कुमार, आईआईएचएस की प्रो. अनिता दुआ, मेधा फाउंडेशन से सजल मिश्रा, डॉ. मंजू शर्मा, प्रो. जसविंद्र सिंह सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।