हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में दलित शोधार्थी रोहित वेलुमा के आत्महत्या के मामले को लेकर केयू के विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों सेंट्रल लाइब्रेरी के पास एकत्रित हुए।
उसके बाद सभी छात्र रोष मार्च निकलते हुए सेकेंड गेट पर पहुंचे। यहां पर छात्रों ने केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी का पुतला फूंका। इसक बाद उन्होंने कुलपति कार्यालय तक रोष मार्च निकला और कुलसचिव के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री, अध्यक्ष अनुसूचित जाति आयोग, अध्यक्ष मानवाधिकार आयोग, चेयरमैन विश्वविद्यालय अनुदान आयोग आदि के नाम ज्ञापन सौंपा।
छात्र नेता रविंद्र ढांडा ने बताया कि 17 जनवरी को हैदराबाद विश्वविद्यालय में पीएचडी के दलित शोध छात्र रोहित वेमुला ने विश्वविद्यालय प्रशासन के दलित विरोधी नजरिए और प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली थी। प्रशासन द्वारा करीब दो सप्ताह पहले चार अन्य छात्रों के साथ फर्जी मामला बनाकर छात्रावास से निष्काषित कर दिया था।
तब से यह पांचों छात्र खुले मेें रहकर आंदोलन कर रहे थे। ये सभी छात्र अंबेडकर स्टूडेंट्स एसोसिएशन से जुड़े थे। इन्हे विश्वविद्यालय प्रशासन पिछले कई दिनों से परेशान कर रहा था। रोहित वेमुला गरीब दलित परिवार से था। ढांडा ने कहा कि पहले भी दलित छात्रों के साथ देश के भिन्न- भिन्न संस्थानों में इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं।
इस अवसर पर छात्र नेता सुखबीर मेहरा, सुरेंद्र, कुलदीप दूत, योगेश कर्णवाल, अमित बामणीय, वीरेंद्र मेहरा, विशाल, अश्वनी, नरेंद्र रंगा, रोबिन, दिनेश बौद्ध, दीपक कुमार, अशोक, संजीव सैनी, सचिन, अंकुश मित्तल, अमन, राजबीर, विजेता, ज्योति, टिंकू, ऋचा शर्मा, सोनी, सुमन, कविता, साक्षी आदि विद्यार्थी मौजूद थे।