शहर के नए बस अड्डे पर दो माह से भी अधिक समय से वाहन पार्किंग की
व्यवस्था नहीं है। इससे यहां अपने वाहन लेकर आने वाले यात्रियों को परेशानी
हो रही है।
वाहन चालकों के यहां-वहां वाहन खड़ा करने से व्यवस्था बिगड़ने
लगी है। इससे कानून व्यवस्था भी चरमराने लगी है। रोडवेज ने कर्मचारियों
से लेकर यात्रियों तक की सुविधा के लिए पार्किंग बनाई है । दो से तीन वर्ष
के अंतराल पर इस पार्किंग के टेंडर जारी होते हैं।
लेकिन, रोडवेज प्रशासन
ने दो माह पहले पार्किंग का टेंडर रद्द कर दिया गया। इसके बाद से यात्रियों
को सुविधा मिलनी बंद हो गई। कोई रास्ता न देख यात्रियोें ने अपने वाहन
सुविधा अनुसार इधर-उधर खड़े करने शुरू कर दिस। कई बार यात्री और कर्मचारी
बस काउंटरों के पास भी अपने वाहन खड़े कर देते हैं। इस वजह से रोडवेज
कर्मियों और वाहन स्वामियों के कई बार विवाद भी हो चुका है।
वर्कशॉप में हो चुकी है मारपीट : तेजबीर सिंह
रोडवेज
कर्मचारी यूनियन डिपो प्रधान तेजबीर सिंह ने बताया कि बस अड्डे पर
यात्रियों के निजी वाहनों के लिए पार्किंग व्यवस्था बेहद जरूरी है। यह
व्यवस्था न होने से यात्री वर्कशाप में भी अपने वाहन खड़ा करने लगे हैं। इस
वजह से कई बार कर्मचारियों और वाहन स्वामियों में मारपीट हो चुकी है।
जल्द जारी होगा टेंडर : रोहताश सिंह
रोडवेज
महाप्रबंधक रोहताश सिंह का कहना है कि संबंधित पार्किंग ठेकेदार तय शर्तों
पर खरा नहीं उतरा। इस वजह से उसका टेंडर रद्द कर दिया गया है। इसके बाद
चुनावों के चलते दोबारा से यह टेंडर नहीं कराया जा सका, लेकिन चुनाव होने
के बाद जल्द यह टेंडर जारी किया जाएगा।