लड़की के जन्म पर अब घरों में थाली बजेगी और खुशियां मनाई जाएंगी। यह संदेश एसडी महिला महाविद्यालय नरवाना की प्रतिभागियों ने रत्नावली उत्सव के अंतिम दिन समूह नृत्य प्रतिस्पर्धा में थाली बाजेगी री सखी, थाली बाजेगी... के माध्यम से दिया।
केयू के ऑडिटोरियम में आयोजित समूह नृत्य प्रतिस्पर्धा में युवा कलाकारों शानदार प्रस्तुति दी। प्रतिस्पर्धा में 10 टीमों ने भाग लिया। सबसे पहले जयराम महिला महाविद्यालय लोहार माजरा की टीम ने कुएं की पनिहार तेरी याद में... की प्रस्तुति दी।
इसके बाद गवर्नमेंट पीजी कॉलेज गोहाना के प्रतिभागियों ने मन्नै आवै पीया की याद..., आरकेएसडी कॉलेज कैथल के प्रतिभागियों ने छोरे नै मारी किलकार, सखी रही चाला हो गया..., गुरुनानक महिला महाविद्यालय यमुनानगर की प्रतिभागियों ने बनड़ा आया घोड़ी चढ़कर... और हिंदू कन्या महाविद्यालय जींद की प्रतिभागियों ने प्रस्तुति दी।
रेवाड़ी की सीता देवी का स्टॉल बना आकर्षण का केंद्र रत्नावली उत्सव में रेवाड़ी के कुतुपुर की सीता देवी का स्टॉल आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस स्टॉल पर सबसे अधिक संख्या में महिलाएं आ रही हैं।
सीता देवी करोसिए की बुनाई की प्रतिभा की धनी हैं। सीता देवी ने अपने हुनर के दम पर कई अवार्ड हासिल किए हैं। ऐसी कोई डिजाइन नहीं, जिसे सीता देवी अपने करोसिए से रूप न दे सकें। सीता देवी ने बताया कि उन्हें यह सब कुछ बचपन में उनकी मां ने सिखाया था।
तब से लेकर आज तक उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने कंठी, गलसरी, नोरा, कड़ी, छड़कले, हरियाणा की गुड़िया आदि चीजें भी बनाई हैं। उन्होंने बताया कि वे हर उत्सव और मेले में जाती हैं। हरियाणवी कला का प्रदर्शन करती हैं। इस बार रत्नावली उत्सव में उन्हें महिलाओं का बड़ा अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। महिलाएं जहां सामान देखने में रूचि दिखा रही हैं वहींभारी संख्या में इसे खरीद भी रही हैं।