कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के हॉस्टल मेस वर्कर यूनियन की आमसभा की बैठक शनिवार को क्रांति पार्क हुई। इसमें महिला छात्रावासों में 89 दिन कार्य के नाम कर्मचारियों पर किए जा रहे शोषण की निंदा की गई और प्रशासन से इसे हटाने की मांग भी की गई। यूनियन के प्रधान सुभाष पारचा ने कहा कि 26 मार्च को महिला चीफ वार्डन को एक मांग पत्र सौंपा गया था, जिसमें उल्लेख था कि जो कर्मचारी 2022 तक या उससे पहले के हॉस्टल में कार्यरत है। उन्हें पहले की तरह वर्दी भत्ता दिया जाए। प्रशासन की ओर से जिन कर्मचारियों को पहले वेतन 7200 रुपये दिया जा रहा था। उनका वेतन 6500 रुपये कर दिया गया है, ऐसे में उनका वेतन भी 7200 रुपये किया जाए।
उन्होंने कहा कि जो कर्मचारी हॉस्टल में 2016 से कार्यरत हैं, उन्हें आज भी 6000 रुपये वेतन दिया जा रहा है। इन मांगों पर कर्मचारी पहले भी प्रशासन को मांग पत्र सौंप चुके हैं। महिला चीफ वार्डन ने आश्वासन दिया है कि जो गलती पहले के अधिकारियों द्वारा की गई हैं वह अब दोहराई नहीं जाएंगी, उन्हें दुरुस्त करने का कार्य किया जाएगा। मेस वर्कर यूनियन ने बैठक में फैसला लिया कि महिला चीफ वार्डन की ओर से 30 अप्रैल तक कर्मचारियों की समस्याओं का हल नहीं किया तो वह एक मई को यूनियन कड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी। उन्होंने कहा कि इससे पहले यूनियन 28 अप्रैल को महिला चीफ वार्डन को फिर से ज्ञापन सौंपेगी। बैठक में यूनियन के कोषाध्यक्ष अमन कुमार दुग्गल, रोबी राणा, आनंद सिंह रावत, भुवन पांडे, अनिरुद्ध पाल, महेश चंद सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।