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श्रावण में इस साल नहीं सुनाई देगी कांवड़ियों के पैरों की घुंघरुओं की आवाज, जिला प्रशासन अलर्ट

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आज से भगवान शिव का अति प्रिय श्रावण माह शुरू हो जा रहा है। इस बार श्रावण माह में पांच सोमवार होंगे। श्रावण छह जुलाई सोमवार से शुरू होकर तीन अगस्त सोमवार को संपन्न होगा। वहीं इस बार श्रावण में कांवड़ियों के पैरों के घुंघरूओं की आवाज सुनाई नहीं देेगी क्योकि कोरोना महामारी को देखते हुए इस साल कांवड़ यात्रा पर बैन लगा दिया गया है। कावड़ मेले के आयोजन को भी स्थगित किया गया है। जिला प्रशासन अलर्ट है और पुलिस कांवड़ यात्रा नहीं करने के लिए नागरिकों को जागरूक कर रही है।
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बता दें इस साल पिहोवा का विश्व प्रसिद्ध तीन दिवसीय चैत्र चौदस मेले, चैत्र नवरात्र महोत्सव केसाथ कुरुक्षेत्र में लगने वाले सूर्यग्रहण मेेले के आयोजन पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। हालांकि परंपरा को निभाने के लिए कुछ संत महात्माओं सहित कुछ गणमान्य लोगों ने पवित्र ब्रह्मसरोवर में स्नान किया था। अब हरियाणा, यूपी व उत्तराखंड की सरकार ने कांवड़ मेला आयोजन पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। पुलिस अधीक्षक कुरुक्षेत्र आस्था मोदी ने जिले के लोगों से कांवड़ लेने व कांवड़ मेले में शामिल न होने की अपील की है। कांवड़ मेला में जाने वाले यात्रियों पर प्रशासन की नजर है। किसी को भी कांवड़ यात्रा करने की इजाजत नहीं है। सरकार के आदेशों की अवहेलना करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कोरोना से बचाव को लेकर लिया सही निर्णय
पिहोवा से पार्षद योगेश शर्मा लक्की ने बताया कि पिछले 22 साल से वह अपने साथियों के साथ मिलकर थर्ड गेट पिहोवा-कुरुक्षेत्र मार्ग पर स्थित मां दुर्गा के मंदिर में कांविड़यों के लिए उनके ठहरने व खाने-पीने के लिए कांवड़ शिविर लगा रहे है। इस साल कोरोना महामारी को देखते हुए कांवड यात्रा व कांवड़ शिविर पर बैन लगा दिया है। जनता की सुरक्षा के लिहाज से सरकार ने सही निर्णय लिया है लेकिन किसी भी तरह से यह परंपरा भंग न हो सरकार को इसके लिए प्रबंध करने चाहिए।
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