कुरुक्षेत्र। केशव पार्क खेल मैदान में चल रही पांच दिवसीय 35वीं सब जूनियर राष्ट्रीय खो-खो चैंपियनशिप के तीसरे दिन खिलाड़ियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। 24 प्रदेशों से आई टीमों के एक हजार से अधिक खिलाड़ी प्रतियोगिता में प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। तीसरे दिन पुरुष वर्ग के मुकाबलों में तेलंगाना ने केरल को 33 अंक लेकर हराया। वहीं महाराष्ट्र ने हरियाणा को 28 अंकों से हराया। कर्नाटक ने दिल्ली को 53 अंकों से हराकर दिन की सबसे बड़ी जीत दर्ज की।
इसके अलावा ओडिशा ने उत्तर प्रदेश को 35 अंक, तमिलनाडु ने छत्तीसगढ़ को 32 अंक, विदर्भ ने पश्चिम बंगाल को 35 अंक, गुजरात ने आंध्र प्रदेश को 29 अंक और कोल्हापुर ने राजस्थान को 42 अंकों से हराया।
महिला वर्ग के मुकाबले भी बेहद रोमांचक रहे। ओडिशा ने छत्तीसगढ़ को 39 अंकों से हराया, जबकि पंजाब ने गुजरात को 37 अंकों से शिकस्त दी। पश्चिम बंगाल ने तेलंगाना को 26 अंक लेकर, हरियाणा ने विदर्भ को 27 अंक लेकर, महाराष्ट्र ने मणिपुर को 43 अंक, कर्नाटक ने पुडुचेरी को 36 अंक, राजस्थान ने हिमाचल प्रदेश को 28 अंक और केरल ने तमिलनाडु को 30 अंकों से हराया। मुकाबलों के दौरान दर्शकों का उत्साह भी चरम पर रहा जिससे खेल मैदान पूरी तरह खेल भावना से सराबोर नजर आया।
अंतरराष्ट्रीय जाट धर्मशाला के प्रधान डॉ. कृष्ण श्योकंद ने खेल मैदान में पहुंचकर खिलाड़ियों को खेल भावना, अनुशासन और नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी केवल जीत के लिए नहीं बल्कि चरित्र निर्माण, भाईचारे और राष्ट्र गौरव के उद्देश्य से खेलें। उन्होंने आश्वस्त किया कि धर्मशाला एवं स्वतंत्र समूह सेवा समिति प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को सहयोग प्रदान करने के लिए सदैव तत्पर है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि कुरुक्षेत्र आने वाले खिलाड़ी, कोच, टीम मैनेजर, पदाधिकारी एवं अभिभावक धर्मशाला में निःशुल्क ठहराव और भोजन की सुविधा ले सकते हैं। इस मौके पर स्पोर्ट्स खो-खो एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी महेंद्र कांबोज, भारतीय खो-खो संघ के कोषाध्यक्ष गोविंद शर्मा, डॉ. चंद्रजीत जाधव, एडवोकेट बृजभान सिंह, सुभाष रूहिल, डॉ. मुन्नी जून, बीजेपी पूर्व जिला अध्यक्ष राजकुमार सैनी सहित अन्य सदस्य व खिलाड़ी मौजूद रहे।
कुरुक्षेत्र। खिलाड़ियों को संबोधित करते प्रधान डॉ. कृष्ण श्योकंद। स्वयं- फोटो : संस्थान
कुरुक्षेत्र। खिलाड़ियों को संबोधित करते प्रधान डॉ. कृष्ण श्योकंद। स्वयं- फोटो : संस्थान