कुरुक्षेत्र। अपने बेटे व पति के साथ पीएचडी की डिग्री लेने पहुंची कृति यादव । संवाद
- फोटो : samvad
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में शनिवार को आयोजित दीक्षांत समारोह में दो माताएं अपने छोटे बच्चों के साथ डिग्री लेने पहुंची। एमएससी होम साइंस की छात्रा ज्योति अपनी दो साल की बेटी को गोद में लेकर समारोह में पहुंचीं, जबकि पीएचडी माइक्रोबायोलॉजी की छात्रा कृति यादव अपने तीन साल के बेटे के साथ डिग्री लेने आईं। दोनों ने अपनी सफलता के साथ मातृत्व की जिम्मेदारियों को भी बखूबी निभाया।
ज्योति ने बताया कि उनकी यह यात्रा बिल्कुल आसान नहीं रही। पढ़ाई के दौरान ही उनकी शादी हुई और एक साल बाद बेटी का जन्म हुआ। ऐसे में बच्चे की देखभाल, उसे दूध पिलाना और साथ ही पढ़ाई पर ध्यान देना बड़ी चुनौती थी। उन्होंने कहा कि इस सफर में उनकी सास का सबसे बड़ा योगदान रहा।
सास ने उन्हें हौसला देते हुए कहा कि बच्चे की चिंता छोड़कर पढ़ाई पर ध्यान दो और कुछ बनकर दिखाओ। इसी समर्थन ने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी। ज्योति ने भावुक होते हुए कहा कि उनकी इस सफलता का श्रेय उनकी सास को जाता है। अगर इस सभागार में परिवार को लाने की अनुमति होती तो यह डिग्री मैं आज उनको ही देती।
वहीं, कृति यादव ने बताया कि पीएचडी के दौरान थीसिस लिखना बेहद कठिन होता है जिसके लिए लगातार अध्ययन की जरूरत होती है। छोटे बच्चे के साथ यह सफर आसान नहीं था लेकिन उनके पति और परिवार ने हर कदम पर साथ दिया। कृति ने कहा कि यदि परिवार का सहयोग मिले तो महिलाएं किसी भी क्षेत्र में कमाल कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि लड़कियों को अवसर देने की जरूरत है, वे हर चुनौती का सामना कर सकती हैं।
कुरुक्षेत्र। अपने बेटे व पति के साथ पीएचडी की डिग्री लेने पहुंची कृति यादव । संवाद- फोटो : samvad
कुरुक्षेत्र। अपने बेटे व पति के साथ पीएचडी की डिग्री लेने पहुंची कृति यादव । संवाद- फोटो : samvad
कुरुक्षेत्र। अपने बेटे व पति के साथ पीएचडी की डिग्री लेने पहुंची कृति यादव । संवाद- फोटो : samvad