कुरुक्षेत्र। अवैध संबंधों के चलते प्रेमी संग मिलकर पति की हत्या करने वाली एक महिला और उसके दोस्त को अदालत ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह जानकारी उप न्यायवादी राजबीर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि उपरोक्त मामले में यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायाधीश संत प्रकाश ने सुनाया है।
इस संदर्भ में जानकारी देते हुए उप न्यायवादी राजबीर सिंह ने बताया कि विनोद कुमार वासी जलालुद्दीन माजरा जिला कुरुक्षेत्र ने थाना बाबैन में शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसके भाई भूषण कुमार वासी जलालुद्दीन माजरा जिला कुरुक्षेत्र की शादी 22 मार्च 2010 को नीरु पुत्री राम कुमार वासी ग्राम मंसूर पुर जिला यमुनानगर के साथ हिंदू रीति रिवाज के साथ हुई थी। शादी के करीब तीन माह बाद ही उसका भाई भूषण कुमार बीमार ने लगा था। हालांकि शादी से पहले वह पूरी तरह से स्वस्थ था। मामूली रोग समझ कर परिवार वाले भूषण का इलाज कराते रहे, लेकिन धीरे धीरे वह कमजोर होने लगा और पेट की स्थायी रूप से समस्या रहने लगी। शिकायतकर्ता के मुताबिक उसके भाई को लाडवा में इलाज के दौरान ज्यादा हालत बिगड़ गई और 20 सितंबर 2017 को पीजीआई. चंडीगढ रेफर किया गया था । जो 04 अक्तूबर 2017 तक दाखिल रहा और जब वह कुछ ठीक हुआ तो उन्होंने उसको वहां से डिस्चार्ज कर दिया और उसके बाद 6 दिन भूषण अपनी बहन के घर में अंबाला कैंट में रहा था। इस दौरान नीरू भी अपने पति के साथ रही ,लेकिन इन 6 दिनों में नीरू लगातार अपने फोन से किसी और के साथ फोन पर बात करती रही, लेकिन उन्होंने इस बात पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। 11 अक्तूबर 2017 को भूषण कुमार अपने घर जलालुद्धीन माजरा आ गया । फिर अचानक 13अक्तूबर 2017 की रात को 10 बजे नीरू ने अपने बच्चों को अपनी जेठानी और सास को बोला की इन बच्चों को अपने साथ सुला लो,क्योंकि बच्चे सोने नहीं देते। शिकायतकर्ता के मुताबिक 13 अक्तूबर की रात 11 बजे के आसपास वह दुकान से घर आया था। उसने नीरू से अपने भाई भूषण की तबीयत बारे पूछना चाहा। लेकिन नीरू ने दरवाजा नहीं खोला और कमरे के भीतर से जवाब मिला की वे सो गये है और इनको आराम करने दो। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया था कि जब वह अपने भाई के कमरे के दरवाजे के बाहर खड़ा था, तो इसी दौरान अंदर से अजीब सी गंध आ रही थी और टीवी चल रहा था। उसने बाहर से नीरू को बोला की तुम्हारे कमरे में अजीब सी गंध आ रही है । तुम भूषण को दूसरे कमरे में लेकर चली जाओ, लेकिन उसने बोला की वो बिलकुल ठीक ठाक है और कहा की वह कमरें में प्रफ्यूम छिड़क देगी और इसी के साथ उसने शिकायतकर्ता को भी सोने को कहा था। इसके बाद शिकायतकर्ता खाना खाकर सो गया था। कुछ घंटे बाद अचानक लगभग 3 बजे नीरू ने शोर मचाया की आकर देखना की इन्हें क्या हो गया है। उसकी आवाज पर जब वह नीरू के कमरे में गये तो भूषण कुमार की मृत्यु हो चुकी थी। शरीर बिलकुल ठंडा था और कमरे से वहीं गंध काफी तेज आ रही थी। शिकायतकर्ता के मुताबिक परिवार को कुछ शंका तो हुई थी, लेकिन अपनी बहू नीरू पर शक करने का कोई प्रत्यक्ष कारण नहीं था। नीरू ने हमें बोला की इसे दिल का दौरा पड़ा है। परिजनों ने नीरू की बात पर विश्वास कर लिया था और 14 अक्तूबर 2017 को उसकी प्राकृतिक मौत समझ कर उन्होंने उसका अंतिम संस्कार कर दिया, लेकिन उसके बाद भी नीरू फोन पर लंबी- लंबी बात करना जारी रहा और वह कभी बाथरूम कभी टायलेट में जाकर बात करती थी और व्हाट्सएप पर चैटिंग करती थी,। 21 अक्तूबर 2017 को उन्होंने नीरू से अचानक उसका मोबाइल फोन ये कह कर ले लिया की, इसमें से भूषण की फोटो निकालनी है। जब मोबाइल को चैक किया तो उस मोबाइल से अन्य किसी मोबाइल नंबर के साथ चैटिंग और काल की थी । उनका शक गहराने लगा कि भूषण की मौत में जरूर कुछ राज है। तब उन्होंने नीरू से अलमारी के लॉकर की चाबी मांगी थी, लेकिन उसने जवाब दिया था कि चाबी गुम हो गई है और वह ढूंढकर कर दे देगी, तब उन्होंने अलमारी का लॉकर तोड़ा था। उसमें से नीरू के पर्स में से पॉलिथीन में फोल्ड की हुई कुछ दवाइयां और एक गोली निकली हुई, सल्फास की डिब्बी तथा परफ्यूम की शीशी निकली तब उनका शक विश्वास में बदल गया था। पुलिस को दी जानकारी में शिकायतकर्ता ने बताया था कि चैंटिग में भी परफ्यूम व दवाई वाली डिब्बी का जिक्र है। तब हमने यह बात रस्म पगड़ी तक किसी को नहीं बताई । रस्म पगड़ी के बाद उन्होंने कोई भी कानूनी कार्रवाई करने से पहले नीरू के पिता रामकुमार तथा परिवार के अन्य लोगों को जानकारी देने के लिये बाबैन बुलाया। वह 27 अक्तूबर 2017 को कई लोगों को साथ लेकर बाबैन घर आये तब उन्होंने पंचायत के सामने यह सारी बात बताई और सबू भीत दिखाये थे। सारी बात सुनने के बाद लड़की के पिता रामकुमार तथा साथ आये लोगों ने बोला की इस बात की तह तक जाने के लिये उन्हें 02 नवंबर 2017 तक का समय दिया जाये। ताकि वो अपने तौर पर इसकी जांच कर सके । इस दौरान उन्होंने भी अपने तौर पर छानबीन करके पता लगा लिया कि भूषण को मारने के इस षड्यंत्र में उनकी बहू नीरू के साथ रिंकू पुत्र जयपाल निवासी बकाना जिला यमुनानगर भी शामिल था। उसी ने ये सब दवाइयां आदि सामान नीरू तक पहुंचाया था। एक नवंबर 2017 को नीरू के पिता राम कुमार वा अन्य लोग बाबैन आ गये और नीरू के पिता राम कुमार ने कहा कि उसके दामाद भूषण को मारने में उसकी लड़की नीरू तथा उनका एक रिश्तेदार रिंकू पुत्र जयपाल शामिल है। राम कुमार ने बोला की आप कानूनी कार्रवाई करें, जिसकी शिकायत पर पुलिस ने थाना बाबैन मे मामला दर्ज करके आरोपी नीरू पत्नी भूषण कुमार वासी गांव मंसूरोपुर जिला यमुनानगर और सोमनाथ उर्फ रिंकू वासी बकाना जिला यमुनानगर को गिरफ्तार करके अदालत में पेश किया था। अदालत ने उपरोक्त मामले की नियमित सुनवाई के दौरान सबूतों और गवाहों के आधार पर दोनों को दोषी करार देते हुए नीरू और सोमनाथ उर्फ रिंकू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।