कुरुक्षेत्र। दिल्ली के तुगलकाबाद इलाके में 700 साल पुराना गुरु रविदास मंदिर अदालत के आदेश पर तोड़े जाने के विरोध में मंगलवार को देश बंद का असर जिले में भी दिखा। जहां थानेसर, पिहोवा, शाहाबाद, लाडवा में दोपहर तक कई दुकानें बंद रही। वहीं मंदिर तोड़ने के विरोध में सड़कों पर उतरे समाज के लोगों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और नए बस अड्डे के पास गुलजारी लाल नंदा मार्ग पर कुछ देर के लिए जाम भी लगाया। इस दौरान स्थिति पर नियंत्रण रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात रहा और खुफिया विभाग भी पल-पल की अपडेट ले रहा था। अंबेडकर चौक स्थित रविदास मंदिर परिसर में सुबह 10 बजे से भारी संख्या में समाज के लोग एकत्रित होने लगे। इस दौरान 12 बजे तक चली एक बैठक में आगे की रणनीति तय की गई। बैठक के चलते मंदिर परिसर के बाहर भारी संख्या में तैनात पुलिस बल के हाथ पांव फूले रहे। साढ़े 12 बजे मंदिर परिसर से लगभग 300 लोग रोष मार्च निकालते हुए आंबेडकर चौक, पुुराना बस अड्डा, कंडा चौक, अग्रसेन चौक से होते हुए नए बस अड्डे स्थित लाल बत्ती पर पहुंचे और वहां जाम लगाकर केंद्र व दिल्ली सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। तकरीबन बीस से पच्चीस मिनट लगे जाम से सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई।
प्रदर्शन के दौरान श्री गुरु रविदास मंदिर कमेटी एवं धर्मशाला के प्रधान रणपत माथुर ने कहा कि दिल्ली के तुगलकाबाद में 700 साल पुराने श्री गुरु रविदास मंदिर के गिराए जाने को लेकर समाज के लोगों में भारी रोष है। सरकार ने ऐसा करके समाज के लोगों की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने समाज के लोगों की बात नहीं सुनी तो 21 अगस्त को दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन और जाम लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास को सर्व समाज अपने गुरु के रूप में देखता है। वे सरकार के इस फैसले का विरोध करते है तथा मांग करते हैं कि दिल्ली के तुगलकाबाद स्थित प्राचीन श्री गुरु रविदास मंदिर का संपूर्ण मालिकाना हक तत्काल प्रभाव से वहां की मौजूदा कमेटी के नाम कर दिया जाए व डीडीए द्वारा मंदिर को जो नुकसान पहुंचा है उसकी भरपाई भी की जाए। उन्होंने कहा कि इस गैर कानूनी कार्य को करने के वाले डीडीए के अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई कर मंदिर को पहले वाली स्थिति में विस्थापित किया जाए। इस मौक पर श्री गुरु रविदास मंदिर एवं धर्मशाला के सचिव तारा चंद, पूर्व प्रधान फकीर चंद, जयपाल , अशोक, पवन कुमार, तरसेम लाल, धर्मसिंह, दीपक मैहरा, योगेश, सुनील कुमार, रीना, बिमला सरोहा, पवन छाबड़ा, जसमेर सिंह व सूरजभान उपस्थित रहे।
Temple matter- फोटो : Kurukshetra