आपस में भिड़े जंधेड़ी सरकारी स्कूल के शिक्षक
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गांव जंधेड़ी के राजकीय प्राथमिक स्कूल में जेबीटी अध्यापक आपस में ही भिड़ पड़े। इनके बीच में पहले बहस हुई, जो मारपीट में बदल गई और मामला पुलिस तक भी पहुंच गया। स्कूल में हुई इस घटना से जहां बच्चे भी स्तब्ध है तो वहीं पूरे गांव में चर्चा का विषय भी बन गई है। शिक्षकों की आपसी मारपीट और खींचतान के चलते यहां बच्चों की पढ़ाई कैसी होगी, इसको लेकर भी लोगों में चर्चा होने लगी है।
स्कूल की हेड टीचर संतोष ने जेबीटी टीचर जगबीर सिंह पर मारपीट करने के आरोप लगाए। वह पिछले काफी समय से बच्चों को पढ़ाने में लापरवाही बरत रहे थे और उन्हें कई बार सचेत भी किया गया था, इसके बावजूद वह उनकी कोई बात नहीं मान रहे थे। इसी के चलते ही वीरवार को बहस हो गई और बात आगे तक बढ़ गई। वहीं जेबीटी अध्यापक जगबीर सिंह ने आरोप लगाए कि हेड टीचर संतोष की ओर से उनकी कक्षा के बच्चों से गाइडों के नाम पर 120 रुपये से 140 रुपये लिए जा रहे थे। जिसका उन्होंने विरोध किया था। उसी के चलते ही उनके पक्ष में जेबीटी सुरेंद्र सिंह से बहस हो गई और सुरेंद्र मारपीट पर उतर आया। उसके खिलाफ शिकायत पुलिस में दी गई है।
सरपंच पति ने मुख्याध्यापक पर लगाए दुर्व्यवहार के आरोप
गांव की महिला सरपंच के पति जयदेव सिंह ने कहा कि हाई स्कूल के मुख्याध्यापक रामनिवास ने उनके साथ कुछ दिन पूर्व अभद्र व्यवहार किया और ऑफिस से बाहर जाने को कहा। जिसकी शिकायत उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को की थी, लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गई। उन्होंने कहा कि मुख्याध्यापक उन्हें स्कूल के किसी कार्य में बुलाने की जहमत नहीं उठाते है लेकिन जब स्कूल की जरूरतों के लिए फंड की आवश्यकता होती है तो स्कूल के चतुर्थ श्रेेणी कर्मी को चेक देकर हस्ताक्षर करवाने के लिए भेज देते है। उन्होंने कहा कि जब से स्कूल में मुख्याध्यापक रामनिवास आए है तब से न केवल स्कूल अपितु गांव में भी माहौल खराब हो रहा है। सरपंच सहित गांव के अनेकों लोगों ने विभाग से मांग की है कि मुख्याध्यापक को तुरंत प्रभाव से स्कूल से स्थानांतरित कर दिया जाए।
स्कूलों में शिक्षकों का ऐसा व्यवहार बर्दाश्त नहीं होगा : गागट
घटना की सूचना मिलने के उपरांत मौके पर पहुंचे बीईओ रामदिया गागट ने बताया कि स्कूल में जो घटना हुई है वह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने बताया कि लगभग 6 माह पहले भी जंधेड़ी स्कूल से मुख्याध्यापक के विरुद्ध शिकायत आई थी, जिसकी जानकारी उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को दे दी थी। उन्होंने कहा कि वीरवार को मामले की भी पूरी जानकारी उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को भेज दी है और इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्कूल में गाइडों के नाम पर कोई पैसा विद्यार्थियों से नहीं लिया गया है।