संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। पंजाब में जानलेवा साबित हो रही बाढ़ के पीछे वहां की मान सरकार और केंद्र सरकार की मिलीभगत है, जो पाकिस्तान से बदला लेने के लिए की गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बयान से यही अंदेशा सामने आया है। अगर यही साजिश अपनाई गई है तो बेहद गलत कदम है। यह इंसानियत नहीं है। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी इसका डटकर विरोध करती है।
मुख्यालय पर सोमवार को कमेटी प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने पत्रकारों से बातचीत में केंद्र सरकार पर साजिश के तहत पंजाब को डुबोने के ये आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अभी तक प्रधानमंत्री और गृहमंत्री अमित शाह की तरफ से पंजाब के लिए कोई बयान तक नहीं आया, इससे भी आशंका बढ़ रही है। अगर बिहार में बाढ़ आती तो सरकार अपने खजाने खोल देती, क्योंकि वहां चुनाव होना है।
झींडा ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान का हवाला देते हुए कहा कि केंद्र ने जानबूझकर पंजाब को बर्बाद होने दिया। झींडा ने कहा कि अगर केंद्र सरकार को पाकिस्तान से ऐसा बदला ही लेना है तो सीधे जंग क्यों नहीं छेड़ देती। मासूम लोगों की जान लेना कैसे सही हो सकता है। पंजाब की मान व केंद्र सरकार मिलकर राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पंजाब को देखना नहीं चाहती। पंजाब सरकार की केंद्र से 60 हजार करोड़ की मांग पर झींडा ने कहा कि क्या पंजाब सरकार का खजाना खाली हो गया है। पहले अपने खजाने से सहायता करने के लिए तत्परता दिखानी चाहिए।
झींडा ने कहा कि हरियाणा कमेटी ने पंजाब में बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद का फैसला किया है। हरियाणा के गुरुघरों में राशन, दवाइयां, फीड और पशुओं का चारा के लिए मुनादी करवाई गई। वीडियो से भी अपील की गई है। कई अस्पताल प्रबंधनों से भी बातचीत की जा रही है।